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दो लाख शराब बोतलें गायब होने के मामले को ठंडे बस्ते में डालने के प्रयास शुरू, एक्साइज कलेक्टर ने मांगी कानूनी सलाह

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फतेहाबाद के शराब गोदामों से दो लाख शराब की बोतलें गायब होने के मामले में चंडीगढ़ में पड़ी फाइल पर धूल चढ़ाने की कोशिशें शुरू हो गई हैं। प्रदेश के आबकारी विभाग ने अब इस मामले को कानूनी सलाह लेने के बहाने ठंडे बस्ते में डालने का प्रयास शुरू कर दिया है। उधर फतेहाबाद में विपक्ष की ओर से इस मामले में सरकार को घेरना शुरू कर दिया गया है। आबकारी विभाग के कलेक्टर एचसीएस अधिकारी योगेश कुमार का कहना है कि उन्होंने इस मामले को लीगल ऑपिनियन के लिए अटॉर्नी जनरल के पास भेज दिया है। वहां से रिपोर्ट आने के बाद ही इस मामले में कार्रवाई की जा सकेगी। इसके लिए उन्होंने कोई तय समय-सीमा नहीं बताई। लेकिन अप्रैल माह के अंतिम सप्ताह में ये मामला सामने आ गया था और इसी दौरान स्थानीय आबकारी उप आयुक्त वीके शास्त्री ने कार्रवाई के लिए उच्चाधिकारियों के साथ जिला उपायुक्त को भी लिखा था, लेकिन 15 दिन से अधिक बीतने के बावजूद अभी तक इस मामले में कोई कार्यवाही नहीं की गई है और अब कानूनी सलाह की आड़ में इसे और लटकाने का प्रयास किया जा रहा है।
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इन कंपनियों के गोदामों में निरीक्षण के दौरान कम मिली दो लाख बोतलें
जिला आबकारी एवं कराधान आयुक्त वीके शास्त्री की मानें तो बीते दिनों आबकारी विभाग की एक विशेष टीम ने फतेहाबाद के सिरसा रोड स्थित शराब के गोदामों का औचक निरीक्षण किया था और जांच के दौरान श्री विनायक एसोसिएट के एल-1 (अंग्रेजी शराब के गोदाम) में निर्धारित मात्रा से 388 शराब की पेटियां कम मिली। इसी फर्म के एल-13 (देशी शराब के गोदाम) से 9460 शराब की पेटी कम मिली। इसी तरह एक अन्य कंपनी डिस्कवरी के एल-13 गोदाम से भी पूर्व स्टॉक से 6575 पेटी शराब कम मिली थी। इस विशेष टीम का नेतृत्व आबकारी एवं कराधान विभाग के आयुक्त शेखर विद्यार्थी एवं वीके शास्त्री ने किया था।
ये बोले एक्साइज कलेक्टर
‘अप्रैल माह में फतेहाबाद में शराब गोदामों पर फिजिकल इंस्पेक्शन हुई थी। उस मामले में लीगल ऑपिनियन मांगी गई है क्योंकि इंस्पेक्शन के दौरान उस फर्मों का लाइसैंस वैलिड नहीं था। ऐसे में अब उनके खिलाफ कार्रवाई या जुर्माना कितना और किस आधार पर हो, इसका फैसला कानूनी सलाह के बाद ही किया जा सकता है।’
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नवीन कुमार, एक्साइज कलेक्टर ।
विपक्षी नेताओं ने घेरा सरकार को, बोले, बीजेपी से जुड़े हैं ठेकेदार, तभी बचाने के प्रयास
इस मामले में प्रदेश के आबकारी विभाग द्वारा ठंडा रवैया अपनाए जाने पर फतेहाबाद के विपक्षी नेताओं ने हैरानी जाहिर की है। विपक्षी नेताओं ने आरोप लगाया है कि ठेकेदार फर्म बीजेपी से जुड़े लोगों की हैं और इसी कारण से उन्हें बचाने का प्रयास किया जा रहा है।
‘सरकार और उनके अधिकारी पहले दिन से इस मामले को दबाने का प्रयास कर रहे हैं। इस मामले में जिन ठेकेदारों की फर्मं हैं, वो बीजेपी से जुड़े हुए हैं और इसी के चलते सरकार उन्हें बचाने का प्रयास कर रही है। लेकिन इस मामले में इनेलो चुप नहीं बैठेगी। इनेलो सुप्रीमो अभय चौटाला लगातार प्रदेश में नशे और अवैध शराब तस्करी का मामला उठा रहे हैं। जल्द ही कोई कार्रवाई ना हुई तो आंदोलन से भी पीछे नहीं हटेंगे।’
बलविंद्र कैरों, जिलाध्यक्ष, इंडियन नेशनल लोकदल फतेहाबाद ।
‘ये बहुत बड़ा घोटाला है। इसकी विशेष जांच होनी चाहिए। गृहमंत्री अनिल विज को इसमें दखल देना चाहिए ताकि दूध का दूध और पानी का पानी हो जाए। लॉकडाउन सारे देश में था, लेकिन दिल्ली-छतीसगढ़ की तरह हरियाणा में शराब ठेकों पर लाइन इसी लिए नहीं लगी क्योंकि लॉकडाउन के दौरान अवैध रूप से शराब लोगों तक पहुंचाने का काम किया गया। अधिकारियों की मिलीभगत से भी इंकार नहीं किया जा सकता। ’
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प्रहलाद सिंह गिल्लाखेड़ा, पूर्व संसदीय सचिव एवं कांग्रेस नेता ।
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