चंडीगढ़ में मुख्यमंत्री से मिलकर अविश्वास प्रस्ताव को लेकर बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री ने विधाय
रतिया। नगरपालिका चेयरपर्सन प्रीति खन्ना के खिलाफ 14 पार्षदों की ओर से लाए गए अविश्वास प्रस्ताव का मामला एक बार फिर मुख्यमंत्री के दरबार पहुंच गया है। मुख्यमंत्री ने दोनों पक्षों की बात सुनने के बाद विधायक विनोद भयाना और विधायक जरनैल सिंह को आपसी बातचीत के माध्यम से विवाद का समाधान निकालने के निर्देश दिए हैं।
इससे पहले भी अविश्वास प्रस्ताव का मामला मुख्यमंत्री कार्यालय तक पहुंच चुका है। 9 जुलाई को प्रस्ताव पर चर्चा के लिए बैठक तय थी लेकिन इससे पहले ही दोनों पक्षों के समर्थक अपने-अपने नेताओं के साथ मुख्यमंत्री से मिले थे। मुख्यमंत्री ने मामले में शामिल नेताओं को आपसी सहमति से समाधान निकालने की सलाह दी थी और हांसी विधायक विनोद भयाना को जिम्मेदारी सौंपी थी।
मुख्यमंत्री कार्यालय के निर्देश के बाद एडीसी के अवकाश पर जाने से अविश्वास प्रस्ताव की बैठक स्थगित कर दी गई थी। इसके बाद विधायक विनोद भयाना ने दोनों पक्षों के बीच सहमति बनाने के प्रयास किए लेकिन बातचीत सफल नहीं हो सकी। सूत्रों के अनुसार चेयरपर्सन प्रीति खन्ना पक्ष की ओर से विधायक विनोद भयाना, पूर्व विधायक लक्ष्मण नापा, चेयरमैन बलदेव ग्रोहा, पूर्व चेयरमैन दर्शन नागपाल, नरेश टीटू और महेश खन्ना मुख्यमंत्री से मिले।
इस दौरान उन्होंने विधायक जरनैल सिंह पर पार्षदों को समर्थन देने के आरोप लगाए। मुख्यमंत्री ने विधायक जरनैल सिंह को भी मौके पर बुलाकर स्थिति स्पष्ट करने को कहा। विधायक ने कहा कि उनका इस मामले से कोई संबंध नहीं है और पार्षद अपने स्तर पर अविश्वास प्रस्ताव ला रहे हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर वह पार्षदों से बातचीत कर उनका पक्ष सुन सकते हैं।
सहमति बनाने के प्रयास फिर से शुरू
मुख्यमंत्री ने दोनों विधायकों और बलदेव ग्रोहा को सभी पार्षदों से बातचीत कर समाधान निकालने तथा शहर के विकास के लिए एकजुट होकर काम करने का आह्वान किया। अब दोनों पक्षों के बीच सहमति बनाने के प्रयास फिर शुरू हो गए हैं। उल्लेखनीय है कि रतिया नगर पालिका की चेयरपर्सन प्रीति खन्ना का पिछले दो वर्षों से पार्षदों के साथ विवाद चल रहा है। 9 जुलाई को चेयरपर्सन के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव को लेकर बैठक होनी थी लेकिन स्थगित हो गई।