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Fatehabad News: दशहरे पर रावण के 60, मेघनाद-कुंभकर्ण 45 फीट के पुतलों को होगा दहन

Tue, 13 Oct 2026 10:40 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
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फतेहाबाद। शहर के सेक्टर 10 में रावण के पुतले तैयार करते रवि आहूजा और उनकी टीम के सदस्य। संवाद
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फतेहाबाद। शहर में दशहरे पर इस बार 60 फीट ऊंचे रावण के पुतले का दहन होगा। मेघनाद और कुंभकर्ण के 45-45 फीट ऊंचे पुतले भी आकर्षण का केंद्र रहेंगे। वहीं चिल्ली वाली धर्मशाला में बुधवार शाम से 98 साल पुरानी रामलीला का मंचन शुरू होगा।
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20 अक्तूबर को सेक्टर-10 में शहर थाना के साथ लगती जगह पर पुतलों का दहन किया जाएगा। अशोक नगर निवासी रवि आहूजा अपनी छह सदस्यीय टीम के साथ तीनों पुतले तैयार कर रहे हैं। वह पिछले करीब 10 दिनों से पुतले बनाने में जुटे हैं।
दशहरे से पहले निर्माण कार्य पूरा कर लिया जाएगा ताकि पर्व के दिन परंपरा के अनुसार पुतलों का दहन हो सके। इन पुतलों की ऊंचाई और निर्माण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
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सर्व समाज की ओर से आयोजित होता है दशहरे का कार्यक्रम
शहर में दशहरे का पर्व सर्व समाज की ओर से आयोजित होता है जिसके संरक्षक पंडित चरणजीत शर्मा है। उनकी देखरेख में ही दशहरे का पर्व मनाया जाता है। वहीं दूसरी ओर चिल्ली वाली रामलीला का आयोजन श्रीराम सेवा समिति की ओर से किया जाता है। जिसके प्रधान धर्मपाल बुढलाडिया है। दशहरे के पर्व से पूर्व सर्व समाज की ओर से रामलीला में किरदार निभाने वाले सदस्यों को रथ पर बैठाकर शोभायात्रा निकाली जाएगी। जिसके बाद रावण के पुतले का दहन किया जाएगा।

चिल्ली वाली धर्मशाला में आज से रामलीला
शहर के तहसील चौक की तरफ बनी चिल्ली वाली श्रीराम सेवा समिति धर्मशाला में बुधवार शाम से 98 साल पुरानी रामलीला का मंचन शुरू होगा। लंबे समय से चली आ रही यह परंपरा शहर की धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत का हिस्सा है। रामलीला के मंचन के माध्यम से भगवान श्रीराम के जीवन से जुड़े प्रसंगों को प्रस्तुत किया जाता है। इसमें वनवास, सीता हरण, हनुमान की लंका यात्रा और रावण वध जैसे प्रसंग प्रमुख रहते हैं। रामलीला के उप निदेशक के तौर पर काम करने वाले शंकर बंसल और गौरव बंसल ने बताया कि रामलीला के मंचन से नई पीढ़ी को रामायण की कथाओं और उनसे मिलने वाली सीख से परिचित होने का अवसर मिलता है। सत्य, धर्म और सदाचार का संदेश देने वाली यह परंपरा पीढ़ी दर पीढ़ी आगे बढ़ रही है।
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