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Fatehabad News: सरकारी स्कूलों के गुरुजी ट्रेनिंग व सर्वे में व्यस्त, विद्यार्थियों की पढ़ाई रामभरोसे

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फतेहाबाद में एफएलएन कार्यक्रम की ट्रेनिंग लेते हुए शिक्षक। - फोटो : Fatehabad
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फतेहाबाद। शिक्षा का सत्र खत्म होने को मात्र साढ़े तीन माह का समय रह गया है लेकिन स्कूलों में विद्यार्थियों का 60 फीसदी पाठ्यक्रम पूरा नहीं हो पाया है और शिक्षकों को विभाग ने ट्रेनिंग, सर्वे समेत सात कामों में उलझा रखा है। स्कूलों में शिक्षक रेगुलर जा ही नहीं पा रहे हैं और विद्यार्थियों की पढ़ाई खराब हो रही है। प्राइमरी, मिडिल, हाई और सीनियर सेकेंडरी स्कूलों में यही हालात है।
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शिक्षा विभाग ने शिक्षकों को पहले नगर परिषद और फिर पंचायत चुनाव में उलझाए रखा। वहां से शिक्षकों को छुटकारा मिला तो अब परिवार पहचान पत्र के सर्वे, बीएलओ की ड्यूटी कर रहे हैं इसके अलावा शिक्षा विभाग के अलग-अलग प्रशिक्षण में ड्यूटी लगा रखी है।
जिले के सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों की स्थिति
कक्षा संख्या
पहली से पांचवीं 44857
छठी से आठवीं 27473
नौंवी से बारहवीं 28065
इन कामों में शिक्षकों को उलझाया
पहला : शिक्षकों की ड्यूटी पीपीपी सर्वे में लगी है। 6 से 18 साल उम्र के लोगों की वेरिफिकेशन हो रही है। आय को लेकर डोर टू डोर वेरिफिकेशन करवाई जा रही है।
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दूसरा : शिक्षकों को डिजिटल बोर्ड की ट्रेनिंग दी जा रही है। प्राइमरी कक्षा के शिक्षकों को कंपनी स्मार्ट बोर्ड की ट्रेनिंग दे रही है।
तीसरा : शिक्षा विभाग ने शिक्षकों की विज्ञान की ट्रेनिंग शुरू कर रखी है। टीजीटी को साइंस और मैथ व पीजीटी को बायो व मैथ को ट्रेनिंग दी जा रही है।
चौथा : शिक्षा विभाग प्रमोट होकर आए प्रिंसिपल को ट्रेनिंग दे रहा है। स्कूल मैनेजमेंट कैसे होगा, इसको लेकर प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
पांचवां : शिक्षा विभाग पीआरटी को योगा की ट्रेनिंग दे रहा है। खंड स्तर पर 100 पीआरटी को योग का प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
छठा : शिक्षा विभाग ने शिक्षकों की ड्यूटी वोटर कार्ड बनाने में लगा रखी है। चुनाव आयोग की तरफ से वोटर कार्ड बनाए जा रहे हैं, इसकी जिम्मेदारी भी शिक्षक निभा रहे है।
सातवां : शिक्षा विभाग प्राइमरी कक्षाओं के शिक्षकों को एफएलएन की ट्रेनिंग दे रहा है। शिक्षकों को अलग-अलग ग्रुप में दो-दो दिन की ट्रेनिंग दी जा रही है।
सरकार अध्यापकों को प्रशिक्षण व अन्य गैर शैक्षणिक कार्यों में लगाकर स्कूलों से दूर रखने का प्रयास कर रही है ताकि सरकारी स्कूलों के प्रति जनता का रुझान कम हो सके। परीक्षा का समय नजदीक है ऐसे में इस तरह के प्रशिक्षण में अध्यापकों को न लगाकर स्कूलों में पढ़ाने का प्रबंधन किया जाना चाहिए।
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- देवेंद्र सिंह दहिया, राज्य चेयरमैन, राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ
अध्यापकों की जो फिलहाल ट्रेनिंग चल रही है वह जल्द पूरी हो जाएंगी। 15 दिसंबर के बाद कोई भी ट्रेनिंग नहीं होगी। शिक्षक स्कूलों में ही पढ़ाएंगे।
दयानंद सिहाग, जिला शिक्षा अधिकारी
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