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Fatehabad News: ई-उपचार सर्वर बंद, ठप हुईं स्वास्थ्य सेवाएं

Mon, 09 Jun 2025 11:28 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
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अस्पताल में पर्ची न कटने पर नीचे बैठी महिलासंवाद
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फतेहाबाद। नागरिक अस्पताल में सोमवार को ई-उपचार सर्वर बंद हो गया। इसके चलते मरीजों को भारी परेशानी झेलनी पड़ी। पहले डेढ़ फिर एक घंटे तक दो बार बंद हुए सर्वर के कारण मरीज गर्मी में इधर-उधर परेशान होकर घूमते रहे।
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इसमें नवजात शिशु से लेकर बुजुर्ग तक शामिल रहे। कर्मचारियों ने अफसरों के आदेश न होने का हवाला देकर मैनुअल पर्ची काटने से इन्कार कर दिया। यहां तक कि ओपीडी में गर्भवती को भी बिना पर्ची उपचार नहीं दिया गया। दोपहर साढ़े 12 बजे के बाद सर्वर ठीक होने के बाद पर्ची कटनी शुरू हुई लेकिन दो बजे ओपीडी बंद हो गई। अव्यवस्था का आलम यहां तक रहा कि मरीज सैंपल भी नहीं दे पाए।
सोमवार होने के कारण मरीजों की संख्या भी ज्यादा रही। इसके करीब 800 से 900 मरीज प्रभावित हुए। यहां तक कि एक्स-रे सुविधाएं भी बंद रहीं। बता दें कि स्वास्थ्य विभाग की तरफ से ओपीडी रजिस्ट्रेशन से लेकर डिस्पेंसरी में मरीज को दी जाने वाली दवा तक का रिकॉर्ड ऑनलाइन किया जाता है। सोमवार सुबह 9 बजे बिजली कट लगने के कारण सर्वर में खराबी आ गई और काम करना बंद कर दिया।
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इसके चलते नागरिक अस्पताल में पोर्टल बंद हो गया और पर्ची नहीं कट पाई। सुबह साढ़े 10 बजे पोर्टल शुरू हुआ तो साढ़े 11 बजे फिर बंद हो गया। गर्मी में मरीज पर्ची कटने का इंतजार करते रहे। इससे पहले एक्सरे करवाने के लिए लाइन में लगे मरीजों के एक्सरे भी नहीं हो पाए। दोपहर साढ़े 12 बजे पर्ची कटनी शुरू हुई तो दो बजे ओपीडी बंद हो गई। नागरिक अस्पताल में 12 बजे ब्लड सैंपलिंग काउंटर बंद कर दिया गया। इसके चलते मरीजों को बिन उपचार लिए लौटना पड़ा।
नहीं काटी गई मैनुअल पर्ची

नागरिक अस्पतालों में मरीज गर्मी में परेशान हुए और काउंटर के पास खड़े रहे। इस दौरान मरीजों ने मैनुअल पर्ची काटने के लिए कहा तो कर्मचारियों ने अधिकारियों के आदेश न होने का हवाला दिया।

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गर्भवती को नहीं मिला उपचार

नागरिक अस्पताल में गर्भवती को भी बिना पर्ची ओपीडी में उपचार नहीं मिला। ओपीडी में गई गर्भवती को पहले पर्ची कटवाने का हवाला दिया गया। यहां तक कि बड़ोपल से उपचार के लिए गंभीर हालत में महिला ज्योति को ओपीडी में लेकर गए तो उसे भी देखने से मना कर दिया गया। परिजन जब पर्ची कटवाने के लिए पहुंचे तो महिला वार्ड में इमरजेंसी का हवाला देकर भेजा गया। प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत लगे शिविर में आई गर्भवती का भी बिना रजिस्ट्रेशन उपचार नहीं हुआ।

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पिछले कई दिनों से बुखार है और उपचार के लिए अस्पताल में आया था। एक घंटे तक लाइन में खड़े रहे, लेकिन पर्ची नहीं काटी गई। आखिर में जमीन पर बैठकर व्यवस्था के सही होने का इंतजार करना पड़ा है।

- सरबजीत, खान मोहम्मद

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अस्पताल में मेडिकल करवाने के लिए आए थे। डेढ़ घंटे तक लाइन में खड़े रहे। मैनुअल भी पर्ची नहीं काटी गई है। इस भीषण गर्मी और अव्यवस्था ने उनको बेहाल कर दिया, कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं थी।

-गुरजीत सिंह, नखाटिया

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अस्पताल में दवा लेने के लिए आए थे, गर्मी में बच्चे के साथ परेशानी झेलनी पड़ रही है। पर्ची न कटने से डॉक्टर के पास भी नहीं जा पा रहे हैं। अस्पताल में कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं, काफी परेशान होना पड़ा
-अनिल कुमार, चूली बागड़ियान

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सर्वर में कई बार तकनीकी दिक्कत आ जाती है, इस वजह से ऑनलाइन पर्ची काटने का काम प्रभावित होता है। तकनीकी खामियों को दूर करने का प्रयास जारी है ताकि आगे दिक्कत न आए।
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- डॉ. बुधराम, एसएमओ, नागरिक अस्पताल

- मामला संज्ञान में अभी आया है। अगर सर्वर को लेकर लगातार दिक्कत आ रही है और मरीज परेशान है तो अस्पताल प्रबंधन से इस बारे में बात की जाएगी।

- डॉ. कुलप्रतिभा, सिविल सर्जन
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