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संग्रह स्थल हुआ ओवरफ्लो, शहर से कचरा लेकर गई गाड़ियां बिना खाली किए नप लौटीं

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शहर से रोजाना निकलने वाले कचरे को संग्रह स्थल पर इकट्ठा करने को लेकर एक बार फिर मुसीबत खड़ी हो गई है। कचरा संग्रह स्थल एक बार फिर से ओवरफ्लो हो गया है। कचरा को डालने के लिए जगह ही नहीं बची है। मंगलवार को शहर से कचरा लेकर गई गाड़ियां खाली नहीं हो पाई। करीब दो घंटे तक गाड़ियां कचरा संग्रह स्थल पर खड़ी रहीं लेकिन बिना खाली किए नगर परिषद कार्यालय में लौट आई। कचरे से भरी गाड़ियों को फिलहाल नगर परिषद कार्यालय में खड़ा किया गया है। बुधवार सुबह तक समाधान नहीं हुआ कचरा उठना मुश्किल है। अधिकारियों के मुताबिक मंगलवार को कचरा को लेकर जगह बनाने के लिए जेसीबी भी नहीं मिली। जेसीबी की मदद से पहले जगह बनाई जाती है। शहर से रोजाना करीब 40 टन कचरा निकल रहा है।
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शहर में घर घर से कचरा इकट्ठा करने और डंपिंग प्वाइंट से उठाने के बाद बीघड़ रोड पर नगर परिषद की तरफ से बनाए डंपिंग साइट पर छोड़ा जाता है। साढ़े तीन एकड़ में फैले कचरा संग्रह स्थल पर 47 हजार टन कचरा इकट्ठा हो चुका है। हालात यह है कि चहारदीवारी से बाहर कचरा है। इस माह कचरा को खत्म करने के लिए प्रोजेक्ट शुरू होना था लेकिन एजेंसी ने काम शुरू नहीं किया।
साढ़े तीन करोड़ का प्रोजक्ट अटका, नहीं मिला बिजली कनेक्शन
नगर परिषद के बने कचरा संग्रह स्थल से कचरे को खत्म करने के लिए दिल्ली की प्राइवेट एजेंसी को साढ़े तीन करोड़ का ठेका दिया गया है। 690 रुपये प्रति टन के हिसाब से कचरा को खत्म किया जाना है। एजेंसी कचरे की छंटाई करेगी। अप्रैल माह में एजेंसी को काम पूरा करके देना है लेकिन अभी तक शुरू नहीं हो पाया है। इसके पीछे कारण बिजली कनेक्शन न मिलना है। हालांकि एजेंसी पूरा प्रोजेक्ट लगा चुकी है। बिजली सप्लाई न मिलने से काम शुरू नहीं हो पाया है। अधिकारियों का कहना है कि बुधवार से काम शुरू हो जाएगा।
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एनजीटी टीम आने की सूचना से खलबली
शहर में सफाई व्यवस्था और प्लास्टिक प्रबंधन के निरीक्षण के लिए इस माह एनजीटी की टीम आ सकती है। इसको लेकर नप अधिकारियों में खलबली मची हुई है। कचरा संग्रह स्थल ओवरफ्लो होने के बाद अब अधिकारियों के भी हाथ पांव फूले हुए है। टीम शहर में प्लास्टिक पर रोक को लेकर क्या व्यवस्था है इसकी भी जांच करेगी। हालांकि नप टीम प्लास्टिक पर रोक को लेकर किराना दुकानदारों के साथ-साथ संस्थाओं की बैठक ले चुकी है।
डंपिंग साइट पर गाड़ियां कचरा लेकर गई थी लेकिन वहां पर जगह नहीं मिली। दो तीन जेसीबी वालों से भी संपर्क किया गया लेकिन वह नहीं आए। बुधवार को जेसीबी लगाकर कचरा डालने के लिए जगह बना दी जाएगी। - मुकेश शर्मा, मुख्य सफाई निरीक्षक।
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