फतेहाबाद। जिले में शुक्रवार को नए साल में सबसे गहरी धुंध रही। सुबह 10 बजे तक दृश्यता मात्र 20 मीटर रही। धुंध ने ठिठुरन भी और बढ़ा दी है। इस धुंध का फसलों पर सकारात्मक असर पड़ेगा। मगर जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो गया है।
धुंध के चलते सुबह-सुबह राष्ट्रीय राजमार्ग से लेकर लिंक मार्गों तक पर वाहन चालकों को परेशानी झेलनी पड़ी। दूसरी तरफ 5 जनवरी रात्रि व 6 जनवरी को उत्तर व दक्षिण-पश्चिमी क्षेत्रों में कुछ स्थानों पर छिटपुट बूंदाबांदी होने की भी संभावना बन रही है। उसके बाद 7 जनवरी से मौसम आमतौर पर खुश्क रहेगा।
शुक्रवार को जिले का न्यूनतम तापमान 8 डिग्री और अधिकतम तापमान 18 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। हालांकि, वीरवार को जिले का अधिकतम तापमान 16 डिग्री और न्यूनतम तापमान 6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। ऐसे में तापमान में दो डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी के बाद भी ठंड से राहत नहीं मिली है। ठंड से बचाव के लिए लोग अलाव जलाकर राहत लेते दिखाई दिए। 6 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से चली शीत हवाओं का असर काफी अधिक रहा। दोपहर 1 बजे बाद धूप निकलने पर ही लोगों को थोड़ी राहत मिल पाई।
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लोगों की दिनचर्या हुई प्रभावित
ठंड व कोहरे के कारण लोगों की दिनचर्या पूरी तरह से प्रभावित हो गई है। बाजारों व सरकारी कार्यालयों में लोगों की आवाजाही कम हो गई है। इसके अलावा बस अड्डों पर यात्रियों की संख्या में कमी नजर आ रही है। ऐसे में लोग जरूरी कामों के लिए ही घरों से बाहर निकलें। पार्कों की रौनक भी गायब हो चुकी है।
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कोहरे से फसलों को होगा फायदा
कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के उपनिदेशक डॉ. राजेश सिहाग ने बताया कि लगातार बढ़ रही ठंड रबी की फसलों के लिए फायदेमंद हैं। इससे फसलों के उत्पादन में बढ़ाेतरी होने की संभावना बन रही है। गेहूं की फसल के लिए धुंध वरदान का काम करेगी। ठंड से गेहूं का पौधा ऊपर जाने के बजाय फुटाव अधिक करेगा। कोहरे के दौरान ओस गिरने से फसलों में नमी की मात्रा बढ़ रही है। इससे फसलों में सिंचाई की कम आवश्यकता होगी।
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जाखल जंक्शन पर ये ट्रेनें पहुंची देरी से... फोटो 28
कोहरे के कारण सबसे ज्यादा रेल यातायात प्रभावित हो रहा है। शुक्रवार सुबह जाखल, टोहाना व भट्टू रेलवे स्टेशन पर अधिकांश ट्रेनें अपने निर्धारित समय से काफी देरी से पहुंची। जाखल जंक्शन होने के कारण यहां से हरियाणा, पंजाब, उत्तर प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल, असम, कन्याकुमारी तक एक्सप्रेस ट्रेनों की आवाजाही होती है। ट्रेनों के पहुंचने में हो रही देरी को लेकर रेलवे अधिकारियों द्वारा भी यात्रियों से यात्रा के लिए घर से निकलने से पहले रेलवे की वेबसाइट पर जाकर स्टेटस चेक करने का सुझाव दिया है। जाखल रेलवे स्टेशन पर शुक्रवार को हिसार-जींद एक्सप्रेस अपने निर्धारित समय से 2 घंटे देरी से आई। दिल्ली से चलकर जाखल के रास्ते बठिंडा जाने वाली ट्रेन साढ़े तीन घंटे लेट रही। श्रीगंगानगर सुपर फास्ट एक्सप्रेस पांच घंटे देरी से चली। दिल्ली इंटरसिटी एक्सप्रेस भी 1 घंटे की देरी से आई।
भट्टू स्टेशन पर देरी से पहुंची ट्रेनें
गोरखधाम एक्सप्रेस - 5 घंटे 53 मिनट
रेवाड़ी-बठिंडा पैसेंजर - 1 घंटा 21 मिनट
रेवाड़ी-फाजिल्का एक्सप्रेस - 50 मिनट
धुरी-सिरसा पैसेंजर ट्रेन - 55 मिनट
मेरठ-श्रीगंगानगर एक्सप्रेस - 28 मिनट
कोटा-सिरसा एक्सप्रेस - 22 मिनट
किसान एक्सप्रेस दिल्ली से बठिंडा - 1 घंटा 31 मिनट
तिलकब्रिज-सिरसा एक्सप्रेस - 1 घंटा 28 मिनट
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सोमवार तक मौसम आमतौर पर परिवर्तनशील रहने तथा बीच-बीच में आंशिक बादलवाही रहने की संभावना है। इससे दिन के तापमान में हल्की गिरावट तथा रात्रि तापमान में हल्की बढ़ोतरी होगी। 5 जनवरी रात्रि व 6 जनवरी को क्षेत्र के उत्तर व दक्षिण पश्चिमी क्षेत्रों में कुछ स्थानों पर छिटपुट बूंदाबांदी हो सकती है। 7 जनवरी से मौसम खुश्क रहने तथा उत्तरी व उत्तर पश्चिमी ठंडी हवाएं हल्की गति से चलने से रात्रि तापमान में गिरावट आएगी।
-डॉ. मदन लाल खिचड़, विभागाध्यक्ष, कृषि मौसम विज्ञान विभाग, एचएयू हिसार