भूना। गांव ढाणी भोजराज में अंतरजातीय प्रेम विवाह के मामले में अवैध वसूली की ऑडियो वायरल होने के बाद एंटी करप्शन ब्यूरो ने कार्रवाई शुरू कर दी है। सिरसा एसीबी टीम को मंगलवार को इस मामले में कोर्ट से डीएसपी संजय बिश्नोई के रीडर सब इंस्पेक्टर दर्शन सिंह की आवाज के सैंपल लेने की अनुमति मिल गई है।
एसीबी जांच अधिकारी सत्यवान ने बताया कि हिसार स्थित लैब से समय मिलने के बाद आवाज के नमूने लेने की कार्रवाई पूरी की जाएगी। सैंपल रिपोर्ट आने के बाद ही अगली कार्रवाई की जाएगी। अगर आवाज के सैंपल वायरल ऑडियो से मैच हो जाता है तो रीडर की गिरफ्तारी तय मानी जा रही है। दर्शन सिंह और एक अज्ञात के खिलाफ करीब दो महीने पहले भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज किया गया था। कोर्ट के निर्देश पर रीडर को पहले भी तीन बार समान जारी किए जा चुके थे।
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ये था मामला
31 जनवरी 2025 को गांव ढाणी भोजराज के युवक ने एक युवती के साथ 4 फरवरी को प्रेम विवाह कर लिया था। युवक एससी वर्ग से है जबकि युवती सामान्य वर्ग से है। युवक के परिवार का गांव में सामाजिक बहिष्कार कर दिया गया। इसके बाद पुलिस ने 15 फरवरी को 9 लोगों को नामजद करते हुए 50 अन्य के खिलाफ एससी/एसटी एक्ट के तहत केस दर्ज किया था। डीएसपी जयपाल सिंह के निर्देश पर पुलिस ने तीन दुकानदारों को हिरासत में लिया था। इससे नाराज ग्रामीणों ने सड़क जाम कर विरोध जताया था। ढाणी भोजराज के लोगों की मांग पर जांच डीएसपी जयपाल सिंह की जगह डीएसपी संजय बिश्नोई को सौंपी गई। जिसमें कुछ लोगों ने जांच अधिकारी के साथ मध्यस्थता करके पूरे मामले को खारिज करवा दिया। भूना निवासी नरेश सोनी ने इस पूरे मामले को उठाया। उन्होंने 13 मई को एसीबी को शिकायत भेजी, जिसमें आरोप लगाया कि एससी/एसटी एक्ट का डर दिखाकर गांव के लोगों से पैसे लिए गए। उन्होंने दावा किया कि गांव के 14 परिवारों से चंदा इकट्ठा कर 10 लाख रुपये डीएसपी को दिए गए। यहां तक कि रीडर दर्शन सिंह ने खुद साढ़े पांच लाख रुपये देने की बात स्वीकारी थी।
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मानव अधिकार आयोग ने भी मांगा जवाब
शिकायतकर्ता नरेश सोनी का आरोप है कि पुलिस ने मामले की निष्पक्ष जांच नहीं की। उन्होंने दावा किया कि न तो सभी पक्षों के बयान लिए गए और न ही जांच अधिकारी गांव में आए। उन्होंने मानव अधिकार आयोग में भी शिकायत की। आयोग ने 1 सितंबर को हरियाणा के डीजीपी से 4 सप्ताह के भीतर जवाब तलब किया है।