फतेहाबाद। जिले में गेहूं की कटाई का सीजन जोरों पर है। वहीं मंडियों और खरीद केंद्रों पर अब तक 552377.8 मीट्रिक टन गेहूं की आवक हो चुकी है। इसमें मात्र 38223 मीट्रिक टन गेहूं की उठान मंडियों से हो सकी है। मंडियों में अभी भी 514154.8 मीट्रिक टन गेहूं रखा हुआ है। शुक्रवार को हुई बूंदाबांदी से खुले में रखे गेहूं में नमी की मात्रा बढ़ गई है।
गेहूं की उठान न होने से किसानों को भुगतान शुरू नहीं हो सका है। मंडियों में रोजाना औसतन 59,191.2 मीट्रिक टन गेहूं पहुंच रहा है। आवक की तुलना में उठान की गति बेहद धीमी है। ऐसे में बूंदाबांदी ने खुले में रखे गेहूं को गीला कर दिया। हालात ये रहे कि गेहूं को बचाने के लिए तिरपाल आदि की भी व्यवस्था नहीं रही इससे गेहूं की ढेरिया भीग गईं।
सर्वर ने दी राहत, गेट पास काटने में आई तेजी
पिछले तीन दिनों से तकनीकी खामियों के चलते ठप पड़ा ई-खरीद पोर्टल शुक्रवार को सुचारू हो गया। इससे गेट पास कटने की प्रक्रिया में तेजी आई। पोर्टल बंद होने के कारण ट्रक मंडियों में खड़े होने के मजबूर थे। अब एग्जिट गेट पास मिलने के बाद गेहूं से भरे ट्रक गोदामों में पहुंचने शुरू हो गए हैं।
उठान धीमी होने से अटका भुगतान
जिले में पिछले 10 दिनों से गेहूं की सरकारी खरीद प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। इस बार ई-पोर्टल का सर्वर डाउन रहने से उठान प्रक्रिया धीमी रही है। इससे जिले के 79,226 किसानों को उनकी फसल का भुगतान शुरू नहीं हो सका है। किसान विपीन, सतीश, दुनीचंद और विनोद आदि ने बताया कि उन्होंने से एक सप्ताह पहले अपनी फसल को बेचा था लेकिन उठान प्रक्रिया धीमी होने से उनकी फसल गोदाम तक नहीं पहुंच पाई है। इससे उनको भुगतान नहीं हुआ है।
जिले में खरीद का आकंड़ें (मीट्रिक टन में)
अनाज मंडी-आवक-खरीद-गेटपास- उठान
फतेहाबाद-88533.1-56060.8-13042-9469.9
भट्टू-46379.1-21962.3-8224-4064.9
भूना-112626.0-39463.8-16143-3488.4
रतिया-140256.3-60818.4-19122-10231.3
टोहाना-81511.8-46263.4-11603-7474.7
जाखल-35754.7-22469.1- 4815- 2311.4
धारसूल-47316.8-22878.7-6277-1182.4
कुल 552377.8-269916.5-79226-38223.0
:: अनाज मंडियों में गेहूं की काफी आवक हो रही है। कमेटी की पूरी कोशिश है कि किसानों को परेशानी न हो। सर्वर की समस्या हल हो चुकी है और अब उठान को प्राथमिकता दी जा रही है। उम्मीद है कि जल्द ही उठान में तेजी आएगी।
-अमित रोहिल्ला, सचिव मार्केट कमेटी, फतेहाबाद।