फतेहाबाद। शहर से डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन करने और उसमें से गीला-सूखा अलग निकालने व कंपोस्ट खाद बनाने के टेंडर की तारीख को नप ने एक बार फिर बढ़ा दिया है। अब 31 दिसंबर तक फर्में आवेदन कर सकेंगी और एक जनवरी को नप टेंडर खोलेगा। तारीख बढ़ाने के साथ नप ने दोनों टेंडरों में शर्तें भी जोड़ दी हैं। दोनों टेंडरों के लिए नप कम से कम राशि तय की है। फर्म को इस राशि से ऊपर ही आवेदन करना होगा। नप ने डोर टू डोर कूड़ा इकट्ठा करने और उसमें से गीला-सूखा अलग करने के टेंडर में कम से कम राशि 19 लाख 50 हजार 720 रुपये तय की है, इसके अलावा कंपोस्ट खाद बनाने के टेंडर में 7 लाख 99 हजार 380 रुपये तय की है। नप ने हर माह डीसी रेट के मुताबिक आने वाले कम से कम अनुमानित खर्च को निकालने के बाद ये राशि तय की है। इसके अलावा नप ने ठेका लेने वाली फर्म के लिए 100 अंक भी निर्धारित कर रखे हैं, जो सबसे ज्यादा अंक लेगा उसे नप टेंडर जारी करेगा। इसमें नप ने शर्ते तय कर रखी हैं।
जानिए क्यों जोड़ी नप ने नई शर्त
कूड़ा कलेक्शन में महीने का कम से कम इतना होगा खर्च
कर्मचारी और सामान संख्या अनुमानित खर्च
टाटा एस 25 750000
ट्रैक्टर ट्राली 4 177240
ई रिक्शा 5 100000
जेसीबी 1 86280
कर्मचारी 70 837200
कंपोस्ट खाद बनाने में माह का इतना होगा खर्च
कर्मचारी और सामान संख्या अनुमानित खर्च
जेसीबी 1 172560
ट्रैक्टर ट्राली 2 88620
स्वीपर 45 538200
फर्म बीच में न भागे, इसलिए तय की कम से कम राशि
नप अधिकारियों की माने तो पहले 100 अंक के अलावा कम से कम राशि की कोई शर्त नहीं थी। 23 दिसंबर को उपायुक्त फर्मों का प्रजेंटेशन भी ले चुके हैं। टेंडर को खराब न करें कोई फर्म इसलिए नप ने कम से कम राशि तय करके दोबारा आवेदन मांगे है। नप अधिकारियों के मुताबिक ठेके पर होने वाले अनुमानित खर्च को तय किया गया है। ये इसलिए किया गया क्यों कि कोई भी फर्म ठेका खराब करने के लिए अनुमानित राशि से कम से कम राशि भर सकती थी और दो माह काम करने के बाद छोड़ सकती थी। प्रक्रिया बीच में ना रूके इसलिए नप ने शर्त जोड़ी है। शहर में करीब 25 हजार यूनिट हैं। नप दो फर्मों को ठेका देगा, एक फर्म शहर से कूड़ा इकट्ठा करेगी और गीला-सूखा अलग करेगी। दूसरी फर्म इससे कंपोस्ट खाद बनाएगी।
वर्जन
वीरवार को टेंडर खुलना था, लेकिन इसकी तारीख के अब 31 दिसंबर कर दिया गया है। कम से कम राशि भी तय की गई है, फर्म को टेंडर आवेदन में इससे ज्यादा ही राशि भरनी होगी। ये इसलिए किया गया ताकि जो भी फर्म ठेका ले वह अच्छे ढंग से काम कर सके।
- अमित कौशिक, कार्यकारी अभियंता, नगर परिषद।