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मारपीट मामले में रिश्वत लेने के दोषी चिकित्सक को चार साल की कैद

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फतेहाबाद। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश डॉ. पंकज की अदालत ने भूना के सरकारी अस्पताल में कार्यरत डॉ. राजीव कुमार को भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के मामले में चार साल की कैद व एक लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। अदालत ने वीरवार को ही इस मामले में चिकित्सक को दोषी करार दिया था।
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जानकारी के अनुसार, एमपी रोही निवासी अनिल की शिकायत पर हिसार विजिलेंस थाना पुलिस ने भूना के सरकारी अस्पताल में कार्यरत चिकित्सक डॉ. राजीव कुमार के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया था। विजिलेंस इंस्पेक्टर फतेहाबाद को दी शिकायत में अनिल कुमार ने बताया था कि उसकी साली गांव नाढोड़ी निवासी सीमा देवी को झगड़े में चोट लगने के कारण 3 अक्तूबर 2016 को भूना के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती करवाया था। जहां मौजूद चिकित्सक डॉ. राजीव कुमार ने इलाज करने व रिपोर्ट काटने की एवज में उनसे 10 हजार रुपये रिश्वत मांगी। सीमा के चोटों की वजह से काफी खून बह रहा था, इसलिए उसने मजबूरी में डॉ. राजीव कुमार को छह हजार रुपये दे दिए जबकि वह रिश्वत नहीं देना चाहता था। इसके बाद दोषी चिकित्सक उससे बकाया चार रुपये की मांग करने लगा। लेकिन बात तीन हजार रुपये में तय हो गई। इसी बीच उसने शिकायत विजिलेंस को कर दी। विजिलेंस टीम ने 5 अक्तूबर 2016 को रेडिंग पार्टी तैयार करके बीडीपीओ अनुभव मेहता को ड्यूटी मजिस्ट्रेट के तौर पर साथ ले लिया और अनिल को तीन हजार रुपये देकर डॉक्टर के पास भेज दिया। जैसे ही अनिल ने उसे रुपये पकड़ाए, विजिलेंस टीम ने उसकी पेंट की जेब से तीन हजार रुपये बरामद कर लिए। विजिलेंस ने सारी राशि बरामद करके चिकित्सक के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के तहत केस दर्ज कर लिया था।
मामले की सुनवाई करते हुए अदालत ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद दोषी चिकित्सक को भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम की धारा 13 के तहत चार साल की कैद व 50 हजार रुपये जुर्माना तथा इसी अधिनियम की धारा 7 के तहत तीन साल की कैद व 50 हजार रुपये जुर्माना किया है।
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