हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी का विरोध कर रहे शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के आठ सदस्योंने मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि सीएम सोनिया गांधी के इशारे पर भारतीय संविधान की मर्यादा का उल्लंघन कर सिख समाज के धार्मिक मामलों में राजनीतिक साजिश के तहत दखल अंदाजी कर रहे हैं। हरियाणा में अलग कमेटी के गठन पर वे केंद्र की मोदी सरकार से मांग करते हैं कि हुड्डा सरकार को तुरंत प्रभाव से बर्खास्त किया जाए। ये सदस्य रविवार को गुरुद्वारा नौवीं पातशाही धमतान साहब में प्रेसवार्ता करने आए थे।
इस दौरान सुरजीत सिंह सरदूलगढ़, मिटठू सिंह, मेजर सिह ढिल्लों हलका रामपुरा फूल, गुरतेज सिह ढंडेके हलका मौड़, गुरप्रीत सिह झबल, अमरीक सिंह शमीर हलका बल्लुआना, गुरदीप सिंह दीप पूर्व चेयरमैन जिला परिषद मानसा, गुरमेल सिंह, जगजीत सिंह, हरगुरदीप सिंह रायेपुर, बसंत सिंह रायेपुर, सुखदेव सिंह ढंडेके के अलावा कई अकाली कार्यकर्ता गुरुद्वारा धमतान साहब पहुंचे थे।
एसजीपीसी सदस्यों ने कांग्रेस को निशाने पर लेते हुए कहा कि मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा की राजनीतिक बौखलाहट का परिणाम है कि वे सोनिया गांधी को गुमराह कर सिख समाज में फूट डालने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि हरियाणा राज्य के कुछेक सिखों के अलावा विश्वभर का सिख समुदाय श्री अकाल तख्त जी के आदेशों का पाबंद है। उन्होंने कहा कि शिरोमणि कमेटी के गठन के लिए सिख समाज के बुजुर्गों ने सैकड़ों कुर्बानियां दी है। उन्होंने अपने आने के संबंध में कहा कि हम यहां हिंसा रोकने आए हैं। हम भाई-भाई को लड़ाने नही अपितु शांति बहाली का संदेश लेकर आए हैं।
एचएसजीपीसी वाले कांग्रेसी : दीप
सदस्य गुरदीप सिंह दीप ने कहा कि वर्ष 2011 में हुए एसजीपीसी के चुनावों में हरियाणा के जिस सिख समुदाय ने अलग कमेटी के मुद्दे पर चुनाव लड़ा था, उसे हरियाणा के ही बहुमत सिख समाज ने सिरे से दरकिनार कर दिया था। उन्होंने कहा कि एसजीपीसी के चुनावों में हारे हुए सिख नेता कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्ता हैं और सरकार ऐसे नेताओं के माध्यम से राज्य के गुरुद्वारों पर काबिज होना चाहती है।
सदस्य मिट्ठू सिंह ने आरोप लगाया कि हरियाणा सरकार द्वारा गुरुद्वारों में आई दान राशी को सरकारी कोष बनाने का प्रयास करना कोई भी सिख बर्दाश्त नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि यह सीधे तौर पर सिख समाज के धर्म और गुरु घरों पर हमला व हस्तक्षेप है जिसे विश्व में बैठा कोई भी सिख परिवार सहन नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि हरियाणा के सिख समाज की जो समस्याएं हैं, जिनका तुंरत समाधान किया जाएगा। उन्होंने कहा कि शिरोमणि कमेटी देश के सभी अल्पमत समुदायों के पास जाकर सिखों के साथ हो रही बेइंसाफी का मुद्दा उठाएगी।