भूना। बारिश में भीगे गेहूं की बोरियों को गोदाम में रखने से इन्कार करने पर हैफेड के जिला प्रबंधक राजेश कुमार हुड्डा और व्यापारियों के बीच विवाद हो गया। व्यापार मंडल के प्रधान अजय कुमार ने आरोप लगाया कि डीएम ने व्यापारियों से गाली गलौज की। वहीं डीएम ने कुछ व्यापारियों पर ब्लैकमेलिंग का आरोप लगाया है।
राजेश हुड्डा ने कहा कि बारिश में भीगे गेहूं को गोदाम में रखने के लिए धरना प्रदर्शन कर दबाव बनाया जा रहा है, लेकिन खराब गेहूं को किसी भी हाल में गोदाम में नहीं रखा जाएगा, क्योंकि इससे दूसरी गेहूं भी खराब हो सकती है। गोदाम इंचार्ज को इसका नुकसान उठाना पड़ेगा। इस विवाद के बाद व्यापार मंडल के एक गुट ने हैफेड सोसायटी भूना कार्यालय के सामने करीब दो घंटे तक धरना दिया। व्यापार मंडल प्रधान अजय कुमार, अशोक भूटानी, धर्मबीर दहिया, कुलदीप सिंह, सुभाष जग्गा और राजेश कुमार ने बताया कि अनाज मंडी से बाहर केंद्र से ठेकेदार ने गेहूं की लिफ्टिंग बंद कर दी है। इससे व्यापारियों को परेशानी हो रही है।
डीएम ने गाली गलौज किया, व्यापारियों के बीच में आकर स्पष्टीकरण दें : अजय कुमार
व्यापारियों ने कहा कि मंडी में जगह नहीं है। हर साल व्यापारी केंद्रों पर किसानों की गेहूं डालकर सरकार को बेचते हैं। पहले खरीद और लिफ्टिंग का काम ठीक चल रहा था लेकिन शुक्रवार से ठेकेदार ने गेहूं उठाना बंद कर दिया। ठेकेदार और व्यापारियों के बीच समझौता हुआ था। इसके तहत प्लींथ केंद्र पर 50 पैसे प्रति बैग ज्यादा दिए जा रहे थे। व्यापारियों का आरोप है कि जब उन्होंने डीएम से बात की तो उन्होंने गाली गलौज की। प्रधान अजय कुमार ने कहा कि अधिकारी समाधान के बजाय विवाद बढ़ा रहे हैं इसलिए उनको धरना देना पड़ा। फिलहाल एसडीएम राजेश कुमार के फोन पर दिए आश्वासन पर व्यापारियों ने सोमवार तक धरना स्थगित किया है। वहीं अगर डीएम ने गाली दी है तो वह खेद प्रकट करेंगे।
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खराब गेहूं को गोदाम में किसी भी कीमत पर नहीं लगाएंगे : डीएम
- डीएम राजेश कुमार हुड्डा ने कहा कि उन्होंने किसी को गाली नहीं दी, आरोप बेबुनियाद हैं। कुछ व्यापारियों की गेहूं बारिश में भीग गई थी। गाड़ियों में भरकर गोदाम लाई जा रही थी। गोदाम इंचार्ज ने गेट पास देने से मना कर दिया। अगर यह गेहूं गोदाम में रख दी जाती तो सड़ जाती और दूसरी गेहूं भी खराब हो जाती। इसलिए भीगी गेहूं को सुखने के बाद ही गोदाम में रखा जाएगा। कुछ व्यापारी धरना देकर दबाव बना रहे हैं, जो सफल नहीं होगा।