फतेहाबाद। हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड ने कक्षा बारहवीं का परिणाम जारी किया है। लेकिन जिला पिछले साल की तुलना में चौथे से 16वें स्थान पर चला गया है जो कि अधिकारियों के लिए भी चिंता बन गया है। ये हालात तब है जब शिक्षा विभाग द्वारा दो बार प्री बोर्ड परीक्षाएं ली गई। इन्हीं परीक्षा के परिणाम को लेकर गंभीर न होना भी पिछड़ने का कारण माना जा रहा है।
विशेषज्ञों की मानें, तो प्री बोर्ड की दो बार परीक्षाएं ली गई। लेकिन परीक्षाओं के परिणाम को लेकर समीक्षा बैठक नहीं बुला गई और न ही समीक्षा की गई कि कहां कमियां हैं और उन्हें कैसे दूर किया जा सकता है। इसके अलावा चुनाव के चलते समय से पहले बोर्ड परीक्षाएं लेना भी कारण माना जा रहा है। हालांकि पिछले 8 सालों के परीक्षा परिणाम पर बात की जाए तो वर्ष 2017 में 71.23 फीसदी था लेकिन अब 86.23 फीसदी पर पहुंच गया है। सुधार हुआ है लेकिन लक्ष्य को पूरा नहीं कर पाएं हैं।
सरकारी स्कूलों का प्री बोर्ड द्वितीय का ये रहा था परिणाम
प्री बोर्ड की परीक्षा देने वाले विद्यार्थियों की संख्या : 7842
90 फीसदी से अधिक अंक लेने वाले विद्यार्थी : 3.09 फीसदी
80 फीसदी से अधिक अंक लेने वाले विद्यार्थी : 9.7 फीसदी
60 फीसदी से अधिक अंक लेने वाले विद्यार्थी : 30.5 फीसदी
33 फीसदी से अधिक अंक लेने वाले विद्यार्थी : 78.49 फीसदी
33 फीसदी से कम अंक लेने वाले विद्यार्थी : 21.51 फीसदी
कोट
शिक्षा विभाग द्वारा इस बार प्री बोर्ड की दो बार परीक्षाएं ली थी। प्री बोर्ड परीक्षाओं को लेने का मकसद भी यही होता है कि जो कमियां हैं, उन्हें दूर किया जाए। मगर स्कूल मुखियाओं द्वारा इस तरफ ध्यान नहीं दिया गया। इसके अलावा बोर्ड परीक्षाएं समय से पहले होना भी परिणाम घटने का कारण माना जा सकता है। हालांकि, परिणाम जिले का बेहतर रहा है, रैंक मायने नहीं रखती है।
-दयानंद सिहाग, सेवानिवृत्त जिला शिक्षा अधिकारी