किसानों के आमने-सामने होने से हाइवे पर लगा जाम।
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शुक्रवार सुबह बुढ़लाडा रोड पर स्थित घग्गर पुल के ऊपर बेसहारा पशुओं को रतिया शहर में छोड़ने को लेकर रतनगढ़ -भूंदड़वास के किसानों के साथ रतिया शहर के किसान आपस में भिड़ गए। मामला इतना बढ़ गया कि दोनों पक्षों के किसानों में लाठियां और डंडे चल पड़े जिसमें रतिया शहर के तीन किसान घायल हो गए। घायलों को अन्य किसानों ने रतिया के नागरिक अस्पताल में दाखिल कराया। वहीं भारी संख्या में पशु घग्घर नदी के पुल पर जमा हो गए जिस कारण काफी देर तक पुल पर जाम लगा रहा। पुलिस को सूचना देने के काफी देर बाद रतिया पुलिस मौके पर पहुंची। रतिया शहर के किसानों ने रोष स्वरूप रतिया शहरी थाने का घेराव कर लिया। डीएसपी के आश्वासन के बाद शनिवार दोपहर तक कार्यवाही न होने पर रतिया शहर के किसानों ने चेतावनी दी कि यदि पुलिस ने हमलावर किसानों पर कार्रवाई नहीं की तो वह शहर थाना के बाहर धरना देने पर मजबूर होंगे।
जानकारी अनुसार पिछले कुछ दिनों से कुछ गांवों के किसान अपने क्षेत्र में बेसहारा पशुओं को ट्रैक्टर ट्रालियों में भरकर शहरी क्षेत्र में छोड़ जाते हैं और इस मामले को लेकर सप्ताह भर पहले ही किसान सभा प्रधान गुरबचन सिंह, मलकीत सिंह व अन्य किसानों ने शहर थाना में शिकायत पत्र भी दिया था और बाहरी पशुओं को रतिया शहर में छोड़ने पर पाबंदी की मांग की थी लेकिन पुलिस ने शहरी किसानों की उक्त शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं की। शुक्रवार सुबह शहरी क्षेत्र के किसानों को सूचना मिली कि सुबह रतनगढ़ और भूंदड़वास के काफी किसान सैकड़ों की संख्या में बेसहारा पशुओं को लेकर रतिया की तरफ आ रहे हैं। शहर के किसानों ने बुढ़लाडा रोड पर घग्गर पुल के ऊपर ग्रामीण किसानों द्वारा शहरी क्षेत्रों में छोड़ने को लेकर आए पशुओं को रोकने की कोशिश की तो वह नहीं माने। इस दौरान काफी संख्या में शहरी किसान घग्घर पुल पर एकत्रित हो गए और पशुओं को गुजरने नहीं दिया जिस कारण स्टेट हाइवे पर कुछ समय के लिए जाम लग गया। इसी दौरान शहरी किसानों ने पशुओं को खदेड़ कर गांव रतनगढ़ की ओर वापस ले जाने लगे तो कुछ दूरी पर दोनों पक्षों में झगड़ा हो गया और लाठियां व डंडे चलने लगे, जिससे रतिया निवासी घनवंत सिंह, बुद्व सिंह व अन्य एक किसान घायल हो गए। किसानों ने आरोप लगाया की जब पुलिस को सूचना दी गई तो पुलिस काफी देर बाद मौके पर पहुंची। घायलों को किसानों ने नागरिक अस्पताल में भर्ती कराया। किसानों का आरोप है कि झगड़ा रतिया पुलिस की लापरवाही से हुआ। पुलिस अगर सप्ताह पहले दी शिकायत पर कार्रवाई करती तो यह स्थिति न बनती। उन्होंने बताया कि शनिवार सुबह भी उन्होंने पुलिस को फोन किए, लेकिन पुलिस अधिकारी गणतंत्र दिवस की तैयारियों की बात करते हुए डेढ़ घंटे तक नहीं आए और जिस कारण झगड़ा बढ़ गया। गुस्साए किसानों ने दोपहर बाद शहर थाने का घेराव कर लिया, जिसके बाद सूचना मिलने पर डीएसपी धर्मवीर सिंह मौके पर पहुंचे। शहरी किसानों ने हमलावरों को तुरंत गिरफ्तार करने की मांग की जिस पर डीएसपी ने किसानों को आश्वासन दिया की शाम तक मामला दर्ज कर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। डीएसपी के आश्वासन के बाद शनिवार दोपहर तक कार्यवाही न होने पर रतिया शहर के किसानों ने चेतावनी दी कि यदि पुलिस ने हमलावर किसानों पर कार्रवाई न की तो वे शहर थाना के बाहर धरना देने पर मजबूर होंगे।