फतेहाबाद/रतिया। मानसून के साथ ही जिले में बीमारियों का प्रकोप बढ़ना शुरू हो गया है। रतिया में दूषित पेयजल सप्लाई होने से पांच वार्डों के कई लोग डायरिया के चपेट में आ गए हैं। इनको उल्टी और दस्त की शिकायत हो रही हैं। इसको लेकर स्वास्थ्य विभाग भी अलर्ट हो गया है और शुक्रवार को एडवाइजरी भी जारी की है। यहां पर अब तक करीब 85 लोग डायरिया पीड़ित मिल चुके हैं। हालांकि, अधिकारियों का कहना है कि अभी स्थिति नियंत्रण में हैं। इससे पहले वर्ष 2018 में भी रतिया क्षेत्र में डायरिया फैला था।
रतिया में डायरिया पर नियंत्रण के लिए स्वास्थ्य विभाग ने 10 टीमें गठित कर दी हैं। ये टीमें हर वार्ड में लोगों के स्वास्थ्य की जांच करेंगी और ओआरएस के पैकेटों समेत दवाइयां बांटेगी। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि लीकेज के कारण दूषित पेयजल सप्लाई हुआ है। इस कारण डायरिया फैला है। जिला महामारी रोकथाम विशेषज्ञ डॉ. विष्णु मित्तल ने जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को पेयजल पाइप लाइनों की लीकेज संबंधित जो भी कमियां हैं, उन्हें दूर करने के निर्देश दिए है। डॉ. मित्तल का कहना है कि यहां पर 85 डायरिया केस मिल चुके हैं। मगर स्थिति नियंत्रण में हैं और कोई केस गंभीर नहीं है। बारिश के दौरान पानी इकट्ठा होने व पेयजल पाइप लाइन में मिक्स होने के कारण वार्ड नंबर 16, 17, 14, 4 और 15 में दूषित पानी सप्लाई हुआ है। इसके चलते डायरिया फैला है। लोगो को उल्टी-दस्त की शिकायत हो रही है। जनस्वास्थ्य विभाग अधिकारियों ने लीकेज हुई पाइपों को ठीक करवाया है, हालांकि उन्हें अन्य कमियां ठीक करने के निर्देश दिए हैं। क्लोरिन की मात्रा भी बढ़ाई गई है।
सिविल सर्जन कार्यालय ने ये जारी की है एडवाइजरी
- घरों के आसपास गड्ढों को मिट्टी से भरवा दें।
- कूलर, अन्य पानी से भरे हुए बर्तन सप्ताह में एक बार जरूर खाली करें।
- शरीर को ढक्कन रखें, मच्छररोधी दवा, क्रीम व कीटनाशक दवाई से उपचारित मच्छरदानी का प्रयोग करें।
- छतों पर रखी पानी की टंकियों को ढक्कन लगाकर रखें।
- घर का बना खाना ही खाएं, बाहर का खाना खाने से बचें।
- पानी उबाल कर व ठंडा करके पीएं।
- बुखार, उल्टी, दस्त, पेट दर्द, शरीर पर दानें या चकते होने की शिकायत पर डॉक्टर की सलाह लें।
जिले में पिछले चार साल में मिल चुके मामले
वर्ष डायरिया पीड़ित
2021 1062
2022 1273
2023 1572
2024 621 (अप्रैल तक)
ओटी जांच के लिए पानी के लिए गए सैंपल में क्लोरिन की मात्रा
वर्ष सैंपल सही मात्रा कम मात्रा
2021 28230 26514 1716
2022 20497 19456 1023
2023 15700 15173 527
2024 4015 3954 61 (अप्रैल तक)
कटो
रतिया में डायरिया पर नियंत्रण हैं। मैं खुद भी मौके पर जाकर आया हूं। यहां पर 10 टीमें निगरानी के लिए लगाई गई हैं। जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से भी बात हुई है, जो लीकेज थी, उन्हें ठीक कर दिया गया है। लीकेज ज्यादा नहीं थी। टीमें मरीजों को दवाइयां बांट रही हैं। लोगों को कहा गया है कि पानी उबालकर ठंडा करके पीएं, सफाई का ध्यान रखें।
-डॉ. विष्णु मित्तल, जिला महामारी रोकथाम विशेषज्ञ
कोट
पाइप लाइन लीकेज की कोई बड़ी दिक्कत नहीं है, सामान्य दिक्कत आती रहती है और उन्हें ठीक कर दिया जाता है। जिन एरिया में डायरिया फैला है, कोई और भी कारण हो सकते है। दूषित खान-पान से भी हो सकता है। पाइप लाइन लीकेज को लेकर 9813874834 नंबर जारी किया गया है। इस पर लीकेज संबंधी शिकायत दे सकते हैं।
- अंचल जैन, एसडीओ, जनस्वास्थ्य विभाग रतिया