लेफ्टिनेंट सिमरन का स्वागत करते ग्रामीण।
फतेहाबाद। गांव ढाणी बिंजा लांबा की बेटी सिमरन ने भारतीय सेना की मेडिकल शाखा में लेफ्टिनेंट बनी हैं। चार साल के सैन्य प्रशिक्षण के बाद सिमरन गांव लौटी तो ग्रामीणों ने गाजे-बाजे और फूल मालाओं के साथ भव्य स्वागत किया।
सिमरन के दादा चौधरी भगवाना राम कूंट और पिता नायब सूबेदार पृथ्वी सिंह ने बताया कि सिमरन बचपन से ही देश सेवा का सपना देखती थी। उनकी प्रारंभिक शिक्षा आर्मी पब्लिक स्कूल हिसार कैंट में हुई जहां वह पढ़ाई के साथ-साथ एनसीसी गतिविधियों में भी अग्रणी रही और ‘बी’ प्रमाण पत्र प्राप्त किया।
वर्ष 2021 में आयोजित मिलिट्री नर्सिंग सर्विस (एमएनएस) की अखिल भारतीय प्रवेश परीक्षा में सिमरन ने 150 में से 150 अंक प्राप्त कर पूरे देश में प्रथम स्थान हासिल किया। इसके बाद उनका चयन भारतीय सेना के लिए हुआ और उन्होंने बंगलूरू स्थित एयरफोर्स कमांड अस्पताल से चार साल का प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा किया।
प्रशिक्षण के दौरान सिमरन ने शैक्षणिक और नेतृत्व कौशल दोनों में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। वह खेल गतिविधियों, विशेषकर शॉटपुट प्रतियोगिताओं में भी अव्वल रही। सिमरन के चाचा एवं उपमंडल कृषि अधिकारी सिरसा डॉ. राकेश कूंट ने बताया कि बंगलूरू में आयोजित कमीशनिंग सेरेमनी के दौरान सिमरन ने परेड की अगुवाई की और अपने बैच में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कर विशेष पहचान बनाई।
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सिमरन ने सिद्ध कर दिया है कि दृढ़ संकल्प और निरंतर प्रयास के बल पर ग्रामीण परिवेश से निकलकर भी राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी उपलब्धियां हासिल की जा सकती है। वह अन्य बेटियों के लिए प्रेरणास्रोत है। - वेद फूला, चेयरमैन, हरकोफेड