फतेहाबाद। जिले के 25 गांवों की मुख्य फिरनियों के निर्माण और सुदृढ़ीकरण के लिए जारी करीब 22 करोड़ रुपये का टेंडर पंचायती राज विभाग ने वापस ले लिया है। टेंडर रद्द होने से प्रस्तावित विकास कार्य फिलहाल ठप हो गए हैं जिससे ग्रामीणों में निराशा है।
यह जिला स्तर पर पिछले एक वर्ष के दौरान आवंटित होने वाला पंचायती राज विभाग का सबसे बड़ा प्रोजेक्ट था। वर्षों से जर्जर हालत में पड़ी फिरनियों के सुधार के लिए विभाग ने 21 करोड़ 98 लाख रुपये का अनुमान तैयार कर बजट स्वीकृत कराया था। इसके तहत 25 गांवों की मुख्य फिरनियों का निर्माण और सुदृढ़ीकरण किया जाना था।
टेंडर प्रक्रिया शुरू होने के बाद ग्रामीणों को उम्मीद जगी थी कि टूटी सड़कों, जलभराव और आवागमन की पुरानी समस्याओं से राहत मिलेगी। परियोजना पूरी होने पर गांवों की आधारभूत सुविधाओं में भी सुधार होने की संभावना थी। टेंडर वापस लिए जाने से अब विकास कार्य अनिश्चितता में पड़ गए हैं। अब नई प्रक्रिया शुरू होने तक संबंधित गांवों को इंतजार करना पड़ेगा।
इन गांवों में होना था निर्माण
पंचायती राज विभाग की ओर से गांव हरपालू, जिल्लोपुर, जांडवाला सोत्तर, जापतेवाला, मढ़, मुसा खेड़ा, रत्ता टिब्बा, तामसपुरा, ठरवी, चिमो, गाजूवाला, ढाणी बिलासपुर, हैदरवाला, हमजापुर, रामसरा, सरवरपुर, सहनाल, बलियाला, भट्टू कलां, भट्टू खुर्द, ढाणी ईशर, धारसूलकलां, धारसूल खुर्द, धिड़, गदली और हांसपुर फिरनियों का निर्माण कार्य होना था।
विकास कार्य अटके, ग्रामीण परेशान
टेंडर वापस लिए जाने के बाद दिलबाग, रणजीत और प्रकाश कुमार ने कहा कि टेंडर रद्द होने से अब फिरनी का निर्माण या सुधार कार्य शुरू नहीं हो सकेंगे। फिरनी की हालत बेहद खस्ता हैं। कई गांवों में सड़कों पर गहरे गड्ढे हैं तो कहीं जलभराव के कारण ग्रामीणों और वाहनों का गुजरना दूभर हो चुका है। प्रशासन के इस फैसले से गांवों का विकास प्रभावित हुआ है।
:: मुख्यालय की ओर से टेंडर रद्द होने के बारे में जानकारी मिली थी। एक बार यह राशि वापिस चली गई है। आगे अगर कोई टेंडर लगा तो गांव की जर्जर फिरनियों सहित अन्य काम करवाया जाएगा।
- देवेंद्र, कार्यकारी अभिंयता, पंचायती राज विभाग, फतेहाबाद।