संवाद न्यूज एजेंसी
फतेहाबाद। शनिवार को अशोक नगर से भूना रोड के रास्ते पर पड़े मलबे को उठाकर तौल करवाने बाद कचरा डंपिंग प्वाइंट पर फेंकने पर नगर परिषद की उपप्रधान सविता टुटेजा और पार्षदों ने हंगामा कर दिया। इससे पहले मामले का स्टिंग किया गया और अधिकारियों को मौके पर बुलाया गया।
उपप्रधान का आरोप है कि जब उन्होंने सवाल उठाए तो अधिकारियों ने ट्रैक्टर चालकों को मलबा एचएसवीपी में फेंकने के निर्देश दिए और फिर काम रुकवा दिया। पार्षदों ने यहां तक सवाल उठाए कि शहर से जब कचरा ले जाया जाता है तो उसे ढका नहीं जाता है जबकि इसे हरे रंग के कपड़े से ढक कर ले जाया जा रहा है।
उपप्रधान सविता टुटेजा, पार्षद सुखदेव, राजकुमार, सुभाष नायक, पार्षद प्रतिनिधि पंछी ने बताया कि मामले में जब अधिकारियों को फोन किया गया तो एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डाली गई और फिर काम रुकवा दिया गया। वहीं सूचना पर सचिव गोबिंद मौके पर पहुंचे और उन्होंने समझाया कि यहां पड़े मलबे को उठवाया जा रहा है। जानकारी के लिए तौल कराया जा रहा है कि कितना मलबा उठा है।
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धर्मकांटा पर तौल, फिर डंपिंग प्वाइंट पर फेंका मलबा
उपप्रधान सविता टुटेजा ने कहा कि पार्षद सुखदेव सिंह ने सुबह अशोक नगर से भूना जाने वाले रास्ते पर ट्रॉलियों में मलबा भरते हुए देखा। इसके बाद जांच की तो पता चला कि चार ट्रॉलियों को धर्मकांटा पर ले जाया गया और फिर तौल करवाकर बीघड़ रोड पर बने कचरा डंपिंग प्वाइंट पर फेंका गया है। जहां से कचरे के नाम पर मलबा उठाया जा रहा है वहां पर सिर्फ 5 से 7 फीसदी ही कचरा है जबकि बाकी करीब 100 ट्रॉलियां मलबा है। दूसरा सवाल ये है कि जब यहां से मलबा उठाया जा रहा है तो उसका तौल क्यों करवाया गया और फिर डंपिंग प्वाइंट पर क्यों फेंका गया है।