फतेहाबाद। जिले में आशा वर्कर के ज्ञान और कौशल का मूल्यांकन करने के लिए विभाग प्रैक्टिकल से लेकर लिखित परीक्षा लेने जा रहा है। परीक्षा पास करने वाली आशा वर्कर को नेशनल ओपन स्कूल से प्रमाणपत्र भी जारी होगा। इस बार 350 आशा वर्कर इस परीक्षा में शामिल होंगी।
प्रायोगिक परीक्षाएं शुरू हो गई हैं जिनमें उनसे विभिन्न सवाल पूछे जाएंगे। लिखित परीक्षा 23 अगस्त को आयोजित की जाएगी। दो साल पहले विभाग ने जिले की 415 आशा वर्कर की परीक्षा ली थी। ये मूल्यांकन प्रक्रिया आशा वर्कर के कार्य प्रदर्शन को बेहतर बनाने के उद्देश्य से की जा रही है।
दो साल पहले भी इसी तरह की परीक्षा आयोजित की गई थी। उस समय जिले की कुल 831 आशा वर्कर में से 415 ने यह परीक्षा दी थी। अब 350 आशा वर्कर इस मूल्यांकन में भाग लेंगी। जो आशा वर्कर कक्षा दसवीं से अधिक पढ़ी हैं उन्हें नेशनल ओपन ऑफ स्कूल से प्रमाणपत्र प्रदान किया जाएगा। संवाद
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परीक्षा का स्वरूप और अंक विभाजन
परीक्षा का स्वरूप तीन चरणों में विभाजित किया गया है। इसमें 30 नंबर की लिखित परीक्षा शामिल है जो 23 अगस्त को होगी। इसके अतिरिक्त, 30 नंबर का आंतरिक मूल्यांकन भी किया जाएगा। 40 नंबर का बाह्य मूल्यांकन (एक्सटर्नल असेसमेंट) भी इस प्रक्रिया का हिस्सा होगा। इन सभी चरणों के माध्यम से आशा वर्कर के समग्र ज्ञान का आकलन किया जाएगा। कुल 100 अंकों के आधार पर उनका मूल्यांकन होगा।
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पिछली परीक्षा और वर्तमान भागीदारी
दो साल पहले हुई परीक्षा में जिले की 831 आशा वर्कर में से 415 ने हिस्सा लिया था। इस बार यह संख्या घटकर 350 हो गई है। विभाग का लक्ष्य सभी पात्र आशा वर्कर को इस मूल्यांकन प्रक्रिया में शामिल करना है। यह संख्या पिछली बार की तुलना में कम है, लेकिन प्रक्रिया की निरंतरता महत्वपूर्ण है। इस मूल्यांकन से उनकी क्षमताओं को परखा जा सकेगा। स्वास्थ्य विभाग ने प्रत्येक खंड में प्रैक्टिकल लेने के लिए 30-30 आशा वर्कर के ग्रुप बनाए हैं। इन ग्रुपों के तहत विभाग प्रैक्टिकल ले रहा है। हालांकि लिखित परीक्षा जिला मुख्यालय पर ही होगी।
कक्षा दसवीं से अधिक पढ़ी आशा वर्कर को नेशनल ओपन ऑफ स्कूल से प्रमाणपत्र मिलेगा। यह उनके लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि होगी। यह उनके व्यावसायिक कौशल को मान्यता प्रदान करेगा। इससे उन्हें अपने कार्यक्षेत्र में आगे बढ़ने में मदद मिलेगी। विभाग का उद्देश्य आशा वर्कर को सशक्त बनाना है।
- नरेंद्र खरब, जिला संयोजक, स्वास्थ्य विभाग