फतेहाबाद। बारिश के मौसम में बीमारियां फैलने की आशंका भी बढ़ गई है। डेंगू ने जिले में दस्तक दे दी है। गांव मेहूवाला के ढाणी निवासी युवती डेंगू पॉजिटिव मिली है। युवती किसी काम से जयपुर गई थी और वहां पर बुखार होने पर डेंगू जांच की गई। उसमें वह पॉजिटिव मिली।
जयपुर प्रशासन ने इस बारे में यहां स्वास्थ्य विभाग को सूचना दी है। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने संबंधित मरीज और उसके आसपास के घरों में जाकर सर्वे किया। हालांकि युवती की हालत स्थिर है। दूसरी तरफ सर्वे में जिले में अभी तक 500 से ज्यादा घरों में लारवा मिल चुका है। पिछले माह रेपिड फीवर सर्वे दौरान 3100 बुखार पीड़ित मिले थे।
इस माह की सर्वे रिपोर्ट अभी जारी नहीं हुई है। मलेरिया के दो केस पहले मिल चुके हैं। हालांकि शहर और गांवों में फॉगिंग करवाने के लिए प्रशासन की अभी कोई तैयारी नहीं है। शहर फतेहाबाद में नगर परिषद प्रशासन की जिम्मेदारी है लेकिन यहां पर कोई रणनीति नहीं बनाई गई है। इसके अलावा गांवों में पंचायतों को फॉगिंग करवानी है। सिविल सर्जन कार्यालय इस बारे में नगर निकाय और पंचायत विभाग को पत्र भी लिख चुका है।
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600 आशा वर्करों को भी सर्वे में लगाया
मानसून में डेंगू के बढ़ते खतरे को देखते हुए विभाग ने 600 आशा वर्कर को सर्वे की जिम्मेदारी दी है। ये आशा वर्कर हाई रिस्क क्षेत्र में सर्वे करेंगी। सर्वे के दौरान अगर लारवा मिलता है तो उसे नष्ट किया जाएगा। पांच माह के लिए विभाग ने आशा वर्कर की जिम्मेदारी लगाई है। इस एवज में विभाग आशा वर्कर को एक हजार रुपये देगा। यानि 200 रुपये प्रति माह मिलेंगे।
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पिछले कुछ सालों में मिले डेंगू मरीजों की स्थिति
वर्ष डेंगू मरीज मिले
2015 189
2016 38
2017 419
2018 56
2019 29
2020 35
2021 993
2022 154
2023 89
2024 129
2025 1 अभी तक
डेंगू से बचाव को लेकर ये करें :
- घरों के आसपास गड्ढों में मिट्टी भरवा दें।
- अपने कुलर, होदी या अन्य पानी से भरे हुए बर्तन सप्ताह में एक बार जरूर खाली करें।
- मच्छररोधी दवा या क्रीम व कीटनाशक से उपचारित मच्छरदानी का उपयोग करें एवं पूरी बाजू के वस्त्र पहनें।
- छतों पर रखी पानी की टंकियों को ढक्कन लगाकर बंद रखें।
कॉलोनी निवासियों का दर्द....
सभी महकमों को बोल दिया कि हम गरीबों की भी सुन लो। कोई नहीं सुनना चाहता, मोहल्लों में बच्चे नहीं रहते क्या। उन्हें मच्छर नहीं काटते क्या। नगर पालिका वाले एक दिन आते हैं और देखकर चले जाते हैं। अगर किसी भी बच्चों को इस गंदे पानी से कोई दिक्कत होगी तो संबंधित महकमा जिम्मेदार होगा क्या। सरकारी अस्पताल वाले भी देख लो और नगर पालिका वाले के साथ पब्लिक हेल्थ वाले भी यहां आकर देख लें।
जैसा कि हंस कॉलोनी में जलभराव की समस्या से परेशान कॉलोनीनिवासियों की ओर से स्वास्थ्य विभाग, नगर परिषद और जनस्वास्थ्य विभाग अधिकारियों को वाट्सअप पर भेजा गया मैसेज है। हालांकि इसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने जलभराव वाली जगह पर दवाई का छिड़काव करवा दिया, लेकिन जलभराव की स्थिति जस की तस बनी हुई है।
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युवती डेंगू पॉजिटिव मिली है। युवती की ट्रेवलिंग हिस्ट्री है। आसपास सर्वे करवाया गया है हालांकि लारवा नहीं मिला है। लोगों से भी अपील है कि अपने घरों के आसपास पानी न एकत्रित होने दें और सावधानी बरतें।
-डॉ. विष्णु मित्तल, जिला महामारी रोकथाम विशेषज्ञ