फतेहाबाद। डेंगू बीमारी को कंट्रोल करने के लिए स्वास्थ्य विभाग पिछले दो साल से अप्रैल माह में रैपिड फीवर सर्वे शुरू कर रहा है। रैपिड फीवर सर्वे से नियंत्रित तो हुआ है लेकिन लोगों की लापरवाही से खत्म नहीं हो रहा है। डेंगू केस एक साल कम हो रहे हैं तो अगले साल बढ़ भी रहे हैं। पिछले 9 सालों में डेंगू के 2002 केस मिल चुके हैं। हालांकि ये वह आंकड़ा वह है जो कि स्वास्थ्य विभाग के पास दर्ज हुआ है।
हर साल निजी अस्पतालों में कई केस ऐसे होते हैं जिनकी जानकारी विभाग को दी नहीं जाती है। हालांकि सिविल सर्जन कार्यालय ने इस बार सख्त निर्देश दिए हैं कि निजी अस्पतालों को डेंगू के मरीज मिलने पर विभाग को सूचित करना होगा। अगर नहीं करेंगे तो विभाग कार्रवाई कर सकता है। अब दो माह में ही सर्वे के दौरान 184 घरों में लारवा मिल चुका है। अधिकतर लारवा लोगों के घरों के फ्रिज ट्रे, गमलों और पानी की टंकियों में मिला है। लारवा मिलने पर विभाग द्वारा नोटिस दिया गया है।
इन 9 सालों में यहां मिले डेंगू मरीज
वर्ष मरीज मिले
2015 189
2016 38
2017 419
2018 56
2019 29
2020 35
2021 993
2022 154
2023 89
प्लेटलेट्स की जिले में नहीं सुविधा, इस साल उम्मीद
जिले में ब्लड कंपोनेट सेपरेट प्रोजेक्ट पिछले करीब चार सालों से रुका हुआ है। ब्लड कंपोनेट सेपरेट प्रोजेक्ट के लिए विभाग ने मशीनें जारी की थी। लेकिन जगह के अभाव का हवाला देकर शुरू नहीं किया गया। अब विभाग ने ब्लड बैंक के साथ हॉल बनवा रहा है। जहां पर ये प्रोजेक्ट शुरू किया जाएगा। मरीजों को प्लेटलेट्स के लिए दूसरे जिले में नहीं जाना पड़ेगा।
डेंगू के लक्षण
अचानक तेज बुखार होना, अचानक तेज सिर दर्द होना, मांसपेशियों व जोड़ों में दर्द होना, आंखों के पीछे दर्द होना।
ये रखें सावधानी
- खुद दवा न खाएं, घरों के अंदर, आसपास गड्ढों में सात दिन से अधिक पानी एकत्र होने दें।
- पुराना सामान जैसे टायर, टयूब, खाली-डिब्बे, पॉलीथिन के लिफाफे खुल में न फेंकें
- हैंड पंप व नल के आसपास पानी जमा न होने दें।
- मच्छर रोधी दवा या क्रीम व कीटनाशक दवाई से उपचारित मच्छरदानी का उपयोग करें एवं पूरी बाजू के वस्त्र पहनें।
कोट
डेंगू से बचाव के लिए विभाग की तरफ से लगातार सर्वे चल रहा है। लोगों के घरों, प्रतिष्ठानों पर जाकर चेकिंग की जा रही है। लारवा मिलने पर उसे नष्ट किया जा रहा है। लोगों को जागरूक होना जरूरी है।
-डॉ. विष्णु मित्तल, जिला महामारी रोकथाम विशेषज्ञ