स्वास्थ्य विभाग द्वारा लाखों प्रयास के बावजूद घर पर डिलीवरी होने के मामले थम नहीं रहे हैं। इसी लापरवाही की वजह से गांव साधनवास निवासी प्रसूता बलविंद्र कौर की जान चली गई। घर पर ही डिलीवरी करवाने की वजह से उसका ज्यादा खून बह गया, जिसके बाद उसे जाखल अस्पताल ले जाया गया।
यहां से टोहाना सरकारी अस्पताल रेफर करने के बाद रास्ते में महिला ने दम तोड़ दिया। वहीं, गांव में चर्चा है कि घर पर डिलीवरी एक तांत्रिक की नसीहत के बाद करवाई जा रही थी। तांत्रिक ने परिजनों को डर चेतावनी दी थी कि यदि उसे घर से बाहर ले जाया गया तो अनर्थ हो सकता है। हालांकि पुलिस का कहना है कि उन्हें इस बारे में कोई सूचना नहीं है।
गांव साधनवास निवासी बलविंद्र कौर का विवाह वर्ष 2000 में हुआ था। उसके चार साल का एक बच्चा भी है। इन दिनों वह गर्भवती थी। प्रसव पीड़ा होने के बाद महिला को अस्पताल में न ले जाकर परिजनों ने घर पर ही उसकी डिलीवरी करवाई। उसके यहां लड़की हुई। इस दौरान उसको रक्त स्त्राव होने लगा।
परिजन उसे जाखल के सरकारी अस्पताल में ले गए, लेकिन महिला की हालत बिगड़ती जा रही थी, इस पर चिकित्सकों ने उसे टोहाना के सरकारी अस्पताल में रेफर कर दिया। मगर रास्ते में महिला ने गंभीर हालत के चलते दम तोड़ दिया। उसका शव टोहाना के सरकारी अस्पताल में रखवाया गया है। इस बारे में जाखल थाना प्रभारी से बातचीत की गई तो उन्होंने बताया कि अभी तक उनके पास ऐसा कोई मामला नहीं आया है। आने के बाद ही कुछ बता पाएंगे।