फतेहाबाद। विदेश में रहने वाले दोस्त के नाम से फेसबुक पर संपर्क कर साइबर ठगों ने एक युवक के पिता से 16.89 लाख रुपये ठग लिए। आरोपियों ने अमेरिका में दोस्त के पुलिस हिरासत में होने और जुर्माना भरने का झांसा दिया। इसके बाद अलग-अलग बैंक खातों और क्यूआर कोड के माध्यम से रकम ट्रांसफर करवा ली।
साइबर थाना फतेहाबाद पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। वार्ड 19 जवाहर गली निवासी आर्यन (22) ने पुलिस को बताया कि 28 सितंबर को उसके पिता के फेसबुक अकाउंट पर अमेरिका में रहने वाले उनके दोस्त विक्की के नाम से संदेश आया। इसमें बताया गया कि विक्की भारत आने के लिए एयरपोर्ट पहुंचा था लेकिन हादसे के मामले में स्थानीय पुलिस ने उसे पकड़ लिया है।
आरोपी ने खुद को वकील बताया और एक मोबाइल फोन नंबर भेजा। इसके बाद जुर्माना और कानूनी औपचारिकताओं के नाम पर रकम मांगी गई। पीड़ित ने अपने और दोस्तों के बैंक खातों से कई बार यूपीआई, आरटीजीएस और बैंक ट्रांसफर के माध्यम से पैसे भेजे। 29 सितंबर को आरोपियों ने बताया कि विक्की को कैलिफोर्निया और बाद में दुबई एयरपोर्ट पर रोक लिया गया है।
उसके पास 400 ग्राम सोना मिलने की बात कहकर कस्टम ड्यूटी के नाम पर भी 95 हजार रुपये वसूल लिए गए। बाद में पीड़ित ने अपने दोस्त विक्की से संपर्क किया तो ठगी का पता चला। इसके बाद एक अक्तूबर को साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराई गई। पुलिस ने मामले में प्राथमिकी दर्ज कर रकम के लेनदेन और आरोपियों की पहचान की जांच शुरू कर दी है।
बीमा लाभ का झांसा देकर ठगी में दिल्ली का आरोपी गिरफ्तार
फतेहाबाद। बीमा पॉलिसी पर विभिन्न लाभ दिलाने का झांसा देकर 4 लाख 46 हजार 882 रुपये की साइबर ठगी के मामले में थाना साइबर क्राइम पुलिस ने एक अन्य सह-आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान दक्षिण-पश्चिम दिल्ली की त्रिशूल कॉलोनी, कंगनहेड़ी निवासी सुरेश पाल के रूप में हुई है।
पुलिस इस मामले में अब तक नौ आरोपियों की गिरफ्तारी कर चुकी है। थाना साइबर क्राइम प्रभारी निरीक्षक राहुल देव ने बताया कि गांव हिजरावां कलां निवासी बलजिंद्र सिंह ने शिकायत दी थी कि अज्ञात व्यक्तियों ने खुद को बीमा कंपनी का प्रतिनिधि बताकर उससे संपर्क किया। आरोपियों ने कस्टमर आईडी बनाने और बीमा पॉलिसी पर विभिन्न लाभ दिलाने का झांसा दिया।
इसके बाद अलग-अलग बैंक खातों में कई बार रुपये जमा करवाकर उससे कुल 4,46,882 रुपये ठग लिए। ठगी का पता चलने पर शिकायतकर्ता ने साइबर पोर्टल पर शिकायत दर्ज करवाई थी। इस संबंध में 8 अक्तूबर 2025 को प्राथमिकी दर्ज की गई थी।