पिछली बार पंजाब क्षेत्र में बांध टूटने से जाखल के जरिये फतेहाबाद जिले में बाढ़ का पानी प्रवेश कर गया था। घग्गर नदी में ज्यादा पानी होने पर रंगोई नाले में पानी डाला जाता है। मगर, रंगोई नाले के तटबंध कमजोर साबित हुए। तीन जगह रंगोई नाले के तटबंध टूट गए थे। घग्गर नदी में भी लीकेज हो गई थी। गांव लांबा के पास घग्गर में 15 फुट और गांव जाखल के पीछे घग्गर नदी में 10 फुट तक कटाव हो गया था। मगर, अभी तक प्रशासन की ओर से घग्गर नदी व रंगोई नाले के तटबंधों को मजबूत करने के लिए प्रयास नहीं किए। फतेहाबाद, टोहाना, जाखल व रतिया क्षेत्र में सड़कों के नीचे बनी पानी निकासी की पुलियों की भी सफाई करवाने की जरूरत है। इनकी भी अब तक सफाई नहीं कराई गई है।
फतेहाबाद जिले में 124 गांवों में करीब 92000 एकड़ में जलभराव हो गया था। इससे धान, नरमा, ज्वार व पशुओं के चारे की फसलें बर्बाद हो गई थीं। खेतों में बने 1123 मकानों को नुकसान हुआ था और 45 पशुओं की मौत हो गई थी। जाखल क्षेत्र के गांवों में खेतों में मिट्टी भर गई थी। इस मिट्टी को भी खेतों से बाहर निकालने का सारा काम किसानों ने अपने स्तर पर ही करवाया था और पंजाब के किसानों ने भी ट्रैक्टर भेजे थे।
सिंचाई विभाग के अधीक्षक अभियंता ओमप्रकाश बिश्नोई के अनुसार पिछले साल आई बाढ़ के बाद सिंचाई विभाग ने करीब 90 करोड़ रुपये के काम करवाने के लिए एस्टीमेट तैयार किए थे। इनके तहत फतेहाबाद की मुंशीवाली माइनर, भिरड़ाना माइनर व रत्ताथेह माइनर के नीचे साइफन बनाए जाएंगे, ताकि बाढ़ का पानी आगे निकल जाए। अभी 9 गांवों में पाइप लाइन बिछाई जानी हैं, जो सीधा पास से गुजर रही नहरों तक जाएंगी।
जाखल-कुलां मार्ग पर निकलने वाली भाखड़ा नहर घग्गर के ऊपर से गुजर रही है, इसके तटबंधों को ऊंचा किया जाना है। जिले में गुजरने वाले सभी रंगोई नालों के तटबंधों को मजबूत किया जाना है, ताकि बाढ़ का पानी रंगोई नाले में डाला जाए तो तटबंध न टूटे। करीब 24 लाख रुपये से नए पंप सेट और अन्य सामान खरीदा जाना था। इनमें से अधिकांश कार्यों के टेंडर हो चुके हैं, काम शुरू होना बाकी है। वैसे प्रशासन का दावा है कि 30 जून से पहले सारे काम पूरे किए जाएंगे।
मैंने अधिकारियों के साथ फील्ड में जाकर सभी जगहों का निरीक्षण किया है। तटबंधों को मजबूत करने, चांदपुरा साइफन से लेकर सभी ड्रेनों की सफाई करवाने का कार्य 30 जून तक पूरे करवाने के निर्देश दे दिए हैं। जलभराव और बाढ़ जैसी स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन पूरी तरह अलर्ट है। -राहुल नरवाल, डीसी, फतेहाबाद।