गोरखपुर। गांव गोरखपुर निवासी 73 वर्षीय किसान नेता कृष्ण स्वरूप गोरखपुरिया का दिल का दौरा पड़ने से बुधवार को आकस्मिक निधन हो गया। बुधवार दोपहर बाद उनको मुखाग्नि दी गई। कृष्ण स्वरूप गोरखपुरिया की अर्थी को कंधा व मुखाग्नि उनकी पुत्री सुनीता व बड़े पुत्र मिल्टू ने दी।
वे अपने पीछे दो लड़के और दो लड़कियों को छोड़ गए। जिसमें एक लड़का सुखबीर सिवाच चंडीगढ़ में पत्रकारिता कर रहा है। उनके पार्थिव शरीर के दर्शन के लिए कामरेड पृथ्वी सिंह स्मारक भवन में रखा गया। जिसमें भारी संख्या में लोगों ने उनको श्रद्धांजलि दी। श्रद्धांजलि देने वालों में जजपा नेता डा. विरेन्द सिवाच, इनेलो नेत्री सुमनलता सिवाच, कृष्णा पूनियां, बलविन्द कैरो, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता प्रहलाद सिंह गिल्लाखेड़ा, रामस्वरूप ढ़ाणी गोपाल, रामकुमार बहबलपूरियां, राजेश चौबारा, संदीप रतिया, जितेन्द थिंड, रामचंद वकील, औमप्रकाश शर्मा, पूर्व सरपंच जग्गा जैलदार, मास्टर मंगत राम नहला , सुनील मटटु, मंगत राम नहला, भाल सिंह एक्स सरपंच मोची, दीवान सिंह एक्स सरपंच चौबारा, बलजीत यादव, पूर्व सरपंच कश्मीरी लाल, एक्स सरपंच ओमप्रकाश मेहता, जुगबीर नंबरदार, सत्यवान नंबरदार, शकुंतला जाखड़ आदि शामिल रहे। मौके पर बताया गया कि 1 नवंबर को 10 बजे कामरेड पृथ्वी सिंह स्मारक भवन में शोक सभा होगी।