बैठक में रतिया की मॉडल टाउन रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन के प्रधान सतपाल मंगला व अन्य द्वारा रखी गई शिकायत पर सबसे अधिक बहस हुई। इस मामले में हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण, नगरपालिका रतिया व जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से सवाल-जवाब किए गए। प्राधिकरण के एक्सईएन पवन वर्मा ने कहा कि मॉडल टाउन में सीवर का कार्य एचएसवीपी के अधीन नहीं आता है।
वहीं, डीएमसी संजय बिश्नोई ने कहा कि नगरपालिका के पास सीवरमैन ही नहीं है। यह कार्य या तो जनस्वास्थ्य करेगा या एचएसवीपी। इस पर जनस्वास्थ्य विभाग के एसई जसवंत सिंह ने कहा कि यह एचएसवीपी का कार्य है। इससे नाराज हुई मंत्री श्रुति चौधरी ने कहा कि अधिकारियों ने मेरा नहीं-मेरा नहीं कहकर इस मामले में कुछ किया ही नहीं है। अधिकारियों को केस को ऊपर भेजना चाहिए था। अधिकारियों में ही कन्फ्यूजन बना हुआ है। कोई काम हुआ ही नहीं सारे अधिकारी आराम से बैठे हैं। मंत्री ने डीसी मनदीप कौर से कहा कि इस मामले की आप जांच करके इस केस को प्रदेश सरकार तक पहुंचाएं।
जिले के तीनों कांग्रेस विधायक में से समिति की बैठक में सिर्फ फतेहाबाद से विधायक बलवान सिंह ही पहुंचे। मगर वह भी किसी मुद्दे पर मुखर होकर मंत्री के सामने नहीं बोले। पूरी कार्रवाई के दौरान वह सिर्फ चुपचाप बैठकर शिकायतकर्ताओं व अधिकारियों की बातों को ही सुनते नजर आए। विधायक से ज्यादा तो चेयरमैन वेद फुलां, चेयरमैन भारतभूषण मिड्ढा, भाजपा जिला उपाध्यक्ष विजय गोयल ने मंच से मुखर होकर अपनी बातें रखीं। इस मौके पर जिला परिषद चेयरपर्सन सुमन खिचड़, भाजपा जिलाध्यक्ष बलदेव ग्रोहा, जगदीश राय शर्मा, बार एसोसिएशन प्रधान प्रदीप बैनीवाल सहित समिति के कई सदस्य, अधिकारी व अन्य लोग उपस्थित रहे।
मंत्री श्रुति चौधरी समिति की बैठक लेने के लिए करीब एक घंटे की देरी से पहुंची। बैठक का समय सुबह 11.30 बजे तय किया गया था, लेकिन वह दोपहर 12.30 बजे के बाद आई। बैठक से पहले मंत्री डीसी मनदीप कौर की कोठी पर गई। वहां कुछ समय बिताने के बाद बैठक में शामिल होने आईं।
जन परिवाद समिति की बैठक के दौरान मंत्री श्रुति चौधरी द्वारा विधायक बलवान सिंह का हाथ हटाते हुए का वीडियो खूब वायरल हुआ। दरअसल, विधायक बलवान सिंह मंत्री श्रुति चौधरी के बिल्कुल आगे सोफे के कोने पर हाथ रखकर डीसी मनदीप कौर से बात कर रहे थे। श्रुति चौधरी ने बलवान सिंह के हाथ को पकड़ कर वहां से हटा दिया। यह वीडियो सोशल मीडिया में खूब वायरल हुआ। इसके बाद विधायक की आईटी टीम की ओर से श्रुति चौधरी के आगमन पर विधायक द्वारा उनके सिर पर हाथ रखने का वीडियो वायरल करके डैमेज कंट्रोल करने का प्रयास किया गया।
मंत्री श्रुति चौधरी के लोकसंपर्क एवं जनपरिवाद समिति की बैठक में आने से पहले एसडीएम जयवीर यादव ने पांच साल पहले स्कॉर्पियो गाड़ी की फर्जी एनओसी जारी करने के मामले में पूर्व क्लर्क के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई। किरढ़ान निवासी देवेंद्र कुमार की शिकायत पर यह कार्रवाई की गई। उसने एक स्कॉर्पियो गाड़ी का रजिस्ट्रेशन फतेहाबाद में करवाया हुआ है। एसडीएम कार्यालय फतेहाबाद के कर्मचारियों ने मिलीभगत करके गाड़ी को किसी अन्य व्यक्ति के नाम दर्ज कर दिया। एसडीएम ने बताया कि संबंधित कर्मचारी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवा दी गई है और बहादुरगढ़ रजिस्ट्रेशन ऑथोरिटी से एनओसी के लिए लिखा गया है। मंत्री श्रुति चौधरी ने निर्देश दिए कि प्रार्थी को बहादुरगढ़ रजिस्ट्रेशन ऑथोरिटी से एनओसी लेकर इस समस्या का समाधान तुरंत करवाया जाए।