अपने कार्यालय में किसानों से ज्ञापन लेते डीसी जगदीश शर्मा।
फतेहाबाद। मुख्यमंत्री मनोहर लाल के आदेशों के बाद सोमवार को पहले दिन लघु सचिवालय में मिला-जुला असर रहा। डीसी जगदीश शर्मा ने अपने कार्यालय में दोपहर एक बजे तक शिकायतें सुनी। इस दौरान 20 शिकायतें डीसी के समक्ष आई। ज्यादातर ग्रामीण क्षेत्र की शिकायतें रहीं। इनमें प्रमुख शिकायतें किसान संगठनों द्वारा रखी गई, जिसमें गिरदावरी करवाने की मांग की गई। वहीं, एसपी आस्था मोदी सीलिंग अभियान की चेकिंग पर रहीं।
गौरतलब है कि हिसार में मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने डीसी व एसपी को हर रोज सुबह 11 बजे से दोपहर एक बजे तक कार्यालय में बैठ कर लोगों की सुनवाई करने का आदेश दिया है। डीसी जगदीश शर्मा ने मिलने आए किसानों को जानकारी दी कि जिस भी किसान के खेत में फसल खराबा हुआ है, वह 72 घंटे में उसकी शिकायत क्षति पूर्ति पोर्टल पर दर्ज करवाएं। इससे पुख्ता डाटा सरकार के पास जाता है। जैसे ही पोर्टल पर शिकायत आएगी तो उसके बाद संबंधित विभागों द्वारा कर्मचारी भेजकर वेरिफिकेशन करवाई जाएगी।
नुकसान दर्ज करने के लिए पटवारियों व अधिकारियों की लगे ड्यूटी
पगड़ी संभाल जट्टा किसान संघर्ष समिति के राज्य प्रधान मनदीप नथवान ने डीसी के समक्ष समस्या रखते हुए बताया कि जिले के कई गांवों में पिछले दिनों हुई बारिश और ओलावृष्टि से फसलों को काफी नुकसान हुआ है। कई गांवों में ओलावृष्टि से तो किसानों की 100 प्रतिशत फसल तबाह हो चुकी है। ऐसे में इन किसानों के साथ आर्थिक संकट गहरा गया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने किसानों से 72 घंटे के अंदर पोर्टल पर अपना नुकसान दर्ज करवाने को कहा है लेकिन पोर्टल के काम न करने से किसानों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। पोर्टल पर नुकसान दर्ज करवाने के लिए भटक रहे हैं। ऐसे में प्रशासन पटवारियों और अधिकारियों की विशेष ड्यूटी लगाएं। वे गांवों में जाकर किसानों को हुए नुकसान की जानकारी एकत्रित कर उन्हें पोर्टल पर दर्ज करें। बारिश व ओलावृष्टि से हुए नुकसान का 50 हजार रुपये प्रति एकड़ किसानों को मुआवजा दिया जाए। मुआवजे की मांग को लेकर प्रदेशभर के किसानों द्वारा 3 अप्रैल को उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला के सिरसा स्थित निवास के बाहर भी प्रदर्शन किया जाएगा।
कोट
मैं हर रोज अपने कार्यालय में सुबह 9.45 बजे से ही शिकायतें सुनने बैठ जाता हूं। सोमवार को 20 शिकायतें आई हैं जबकि अन्य दिनों में 8 से 10 शिकायतें ही आती हैं। यह रूटीन प्रक्रिया है।
-जगदीश शर्मा, डीसी, फतेहाबाद