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Fatehabad News: परमाणु संयंत्र में महापंचायत के अल्टीमेटम के बाद डीसी ने लगाई धारा 144, भारी फोर्स तैनात

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गांव गोरखपुर स्थित परमाणु संयंंत्र के बाहर तैनात पुलिस फोर्स।
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भूना (फतेहाबाद)। गांव गोरखपुर स्थित परमाणु संयंत्र में नई प्राइवेट कंपनी द्वारा पुरानी कंपनी में कार्यरत चालकों को निकाले जाने को लेकर मंगलवार को बुलाई गई महापंचायत के चलते डीसी ने संयंत्र के 100 मीटर के दायरे में धारा 144 लागू कर दी। वहीं, भारी पुलिस फोर्स भी तैनात रहा। संयंत्र के अंदर कई वाटर कैनन गाड़ियां भी तैनात की गई। हालांकि, महापंचायत में ज्यादा लोग एकत्रित नहीं हुए। बाद में पांच लोगों ने प्राइवेट कंपनी के अधिकारियों से मिलकर हटाए गए चालकों को रखने के लिए निवेदन किया। मगर कंपनी ने स्पष्ट इंकार कर दिया।
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यह है मामला
गांव गोरखपुर निवासी नरेंद्र सिवाच, सतपाल सिंह, प्रदीप कुमार, नरेश कुमार, विनोद कुमार, दीपक सिंह, राजवीर सिंह, सुरेंद्र सिंह व सुनील कुमार आदि ने बताया कि कार्गो प्राइवेट कंपनी ने परमाणु संयंत्र में डेली वेज पर गोरखपुर के चालकों की नियुक्ति की थी। इसके बाद टाटा कंपनी ने काम किया। मगर बाद में महिंद्रा एंड महिंद्रा नई ट्रांसपोर्ट कंपनी हायर की गई। परंतु जो कार्गो कंपनी में ड्राइवर कार्यरत थे, उन्हें नई कंपनी ने नौकरी से निकाल दिया। इसको लेकर पिछले कई दिनों से हटाए गए कर्मचारियों व नई कंपनी के बीच विवादास्पद माहौल बना हुआ है। उन्होंने बताया कि नई कंपनी ने डेली वेज के हिसाब से ज्यादा वेतन का हवाला देकर उन्हें बाहर का रास्ता दिखाया है जबकि उत्तर प्रदेश और बिहार से कम वेतन पर ड्राइवरों को बुलाया जा रहा है। टाटा कंपनी तीन शिफ्ट में काम करवाती थी जबकि अब दो शिफ्ट में कार्य करवा रहे हैं। 25 मार्च को टाटा कंपनी के प्रबंधन को अवगत करवा दिया था। मगर उन्होंने आश्वासन दिया था कि इन्हीं ड्राइवरों को काम पर रखा जाएगा, परंतु दूसरी तरफ नई कंपनी उन्हें नौकरी से हटा रही है। गोरखपुर के युवाओं को प्राथमिकता दिए जाने की जमीन अधिग्रहण के दौरान भी कंडीशन थी।
एक अप्रैल को दोनों पक्षों ने पुलिस में दी थी शिकायत
दोनों ही पक्षों द्वारा एक अप्रैल को पुलिस में शिकायत देकर गाली-गलौज व अभद्र व्यवहार के आरोप लगाए गए थे। चालकों ने प्राइवेट कंपनी के आरसीएम एचके सिंह के खिलाफ पुलिस में शिकायत दी थी। दूसरी तरफ एचके सिंह ने ड्राइवर नरेंद्र सिवाच व अन्य कुछ लोगों पर अभद्र व्यवहार करने के आरोप लगाए थे। पुलिस ने दोनों ही पक्षों को विवादास्पद माहौल न बनाने का हवाला देकर गिले-शिकवे दूर किए थे। परंतु नौकरी पर रखे जाने की मांग को लेकर ड्राइवरों व अन्य कर्मचारियों ने धरना शुरू कर दिया था। इसी मामले को लेकर मंगलवार को महापंचायत बुलाई गई थी। राष्ट्रीय प्रोजेक्ट परमाणु संयंत्र का मुद्दा होने के चलते महापंचायत के अल्टीमेटम के बाद प्रशासनिक स्तर पर भी कड़े प्रबंध किए गए थे। फिलहाल मौके पर माहौल शांत बना हुआ है। इस संबंध में नई प्राइवेट कंपनी के आरसीएम एचके सिंह ने मीडिया से भी दूरी बनाए रखी।
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