गांव झलनियां में टंकी पर चढ़कर निरीक्षण करते उपायुक्त।
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कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर के बाद अब स्कूल खुले तो सोमवार सुबह उपायुक्त महावीर कौशिक ने औचक निरीक्षण किया। उपायुक्त औचक निरीक्षण करने के लिए गांव झलनियां के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में पहुंचे। उपायुक्त ने स्कूल स्टाफ से पानी की टंकी की सफाई के बारे में पूछा, इसके बाद सीढ़ी मंगवाकर खुद टंकी पर चढ़ गए। उपायुक्त ने पानी की टंकी का निरीक्षण किया। इस दौरान स्कूल स्टाफ ने बताया कि तीन दिन पहले टंकी की सफाई करवाई है। उपायुक्त ने स्कूल में विद्यार्थियों को दी जा रही विभिन्न सुविधाओं के साथ-साथ साफ-सफाई, पीने के पानी की व्यवस्था आदि का जायजा लिया। डीसी के निरीक्षण को लेकर स्कूल स्टाफ में एक बार खलबली मच गई।
सांसद ने पांच दिन पहले दिए थे टंकियों की सफाई के आदेश
16 जुलाई से कक्षा नौंवी से बारहवीं शुरू होने के चलते सांसद सुनीता दुग्गल ने पांच दिन पहले बैठक में पानी की टंकियों की सफाई के आदेश दिए थे। लेकिन शिक्षा विभाग की तरफ से स्कूलों को आदेश जारी नहीं किए गए। इसके अलावा न ही निरीक्षण किया गया। अब स्कूल लगने के चार दिन बाद उपायुक्त ने निरीक्षण शुरू किया है।
डीसी ने शिक्षकों से पूछा वैक्सीन लगवाई या नहीं
गांव झलनियां के स्कूल में औचक निरीक्षण के दौरान उपायुक्त महावीर कौशिक ने स्कूल स्टाफ से पूछा कि कोरोना वैक्सीन लगवाई है या नहीं। इस दौरान अधिकतर शिक्षकों के पहली डोज ही लगी मिली। दो शिक्षकों ने कहा कि वह कोरोना की चपेट में आ गए थे, इसके चलते अभी टीका नहीं लगवाया है।
उपायुक्त ने स्कूल में सामाजिक दूरी पालन के दिए निर्देश
उपायुक्त ने कोरोना को लेकर विद्यार्थियों को सामाजिक दूरी का पालन करने के निर्देश दिए। उपायुक्त ने विद्यार्थियों से रूबरू होते हुए उनसे पढ़ाई संबंधी और सरकार द्वारा स्कूल में की जा रही विभिन्न प्रकार की व्यवस्थाओं व सुविधाओं के बारे में जानकारी ली। उन्होंने कहा कि शिक्षा का जीवन में बड़ा महत्व है। शिक्षा के बिना मनुष्य का जीवन अधूरा है। इसलिए विद्यार्थी शुरू से ही अपने जीवन का लक्ष्य निर्धारित कर उसकी प्राप्ति के लिए निरंतर प्रयास करें।