इंद्रपुरा मोहल्ले में विवाहिता को जहर पिलाने का मामला पेचीदा होता जा रहा है। पीड़िता ने अपने ससुरालीजनों पर जबरदस्ती जहर पिलाने के आरोप लगाए, तो वहीं उसकी बेटी ने सभी आरोपों को गलत बताया है। पुलिस इस मामले की जांच करने में जुटी है।
उधर विवाहिता के ससुरालियों की गिरफ्तारी न होने पर पीड़िता के पिता सहित एक दर्जन लोग पुलिस अधीक्षक शिवचरण अत्री से मिले।
जानकारी के अनुसार इंद्रपुरा मोहल्ला निवासी प्रिया पत्नी कमल गोस्वामी ने पुलिस को दिए बयान में आरोप लगाया था कि उसके पिता ने छोटी बेटी की शादी पर कार दी थी। जिसके बाद उसकी ससुराल के लोग भी कार की मांग कर रहे थे। इस पर उसके पिता अश्वनी कुमार ने डेढ़ लाख रुपये में पुरानी कार खरीदकर उन्हें दे दी।
लेकिन ससुराल के लोग इससे संतुष्ट नहीं हुए और वह पुरानी कार लाने के ताने मारने लगे। घटना वाले दिन पति कमल गोस्वामी ने उस पर खराब चरित्र का आरोप लगाते हुए हाथ पकड़ लिए और उसकी सास ने मुंह में कीटनाशक डाल दिया। जिसके बाद उसकी तबीयत बिगड़ गई।
पुलिस ने जब इस मामले की जांच शुरू की तो पीड़िता की नौ साल की बेटी ने अपने पापा तथा दादी पर लगे आरोपों को गलत ठहराया। एक महीने बाद भी पुलिस इस मामले में अभी तक कोई सबूत नहीं जुटा पाई है।
बेटा न होने के कारण दिया जहर
इस मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर पीड़िता के पिता सहित एक दर्जन लोग एसपी के पास शिकायत लेकर पहुंचे। एसपी से मिलने आए विवाहिता के पिता अश्वनी कुमार और ग्रामीण सुखदेव सिंह, राजू, रमेश, लीलूराम, साधूराम, चंद्रभान ने बताया कि पुलिस ने प्रिया को जहर देकर मारने वालों पर अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की है। जबकि जांच पूरी हो चुकी है। पिता अश्वनी ने सोमवार को एक और बात का खुलासा किया है कि उनकी बेटी के बेटा न होने के कारण भी उसके ससुराल के लोग उसे तंग कर रहे थे।
क्या कहते हैं जांच अधिकारी
इस मामले की जांच कर रहे जांच अधिकारी पीएसआई कुलदीप ने बताया कि इस मामले की अभी जांच चल रही है। उन्हें विवाहिता के ससुरालीजनों के खिलाफ कोई सबूत नहीं मिला है। जिस कारण अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है।