गंाव एमपी सोतर के पास रविवार को तेज बरसात के कारण रंगोई नाले में 20 फुट लंबा कटाव हो गया। इससे खेतों में रुका बरसात का पानी रंगोई नाले में चला गया। किसान जब खेतों में पहुंचें तो उन्होंने तुरंत रंगोई नाले के कटाव की सूचना प्रशासनिक अधिकारियों को दी। सूचना मिलते ही नायाब तहसीलदार तथा विभाग के अधिकारियों ने जेसीबी की सहायता से रंगोई नाले में आई दरार को भर दिया। मौके पर मौजूद किसानों ने आरोप लगाया कि अधिकारी रंगोई बांध की मजबूती के नाम पर खानापूर्ति कर रहे हैं। असल में रिंग बांध पर कोई काम नहीं किया जाता और बाढ़ के दिनों में रंगोई बांध कहीं से भी टूट कर खेतों में फसलों को हानि पहुंचा सकता है।
शनिवार देर रात्रि और रविवार सुबह क्षेत्र तथा गंावों में काफी बरसात हो रही थी। बरसात के कारण खेतों में काफी पानी जमा हो गया। बरसाती पानी के कारण गांव एमपी सोतर के पास रंगोई नाले का कमजोर पड़ चुका रिंग बांध अचानक टूट गया। उसमें 20 फुट लंबा कट पड़ गया जब वहा से गुजर रहे किसानों ने दरार को देखा, तो इसकी सूचना प्रशासन को दी ।
सूचना पर नायाब तहसीलदार कर्ण सिंह, सिंचाई विभाग के जेई अमर सिंह और राजेश कुमार कर्मचारियों के साथ मौके पर पहुंचें । कर्मचारियों ने मजदूरों की सहायता से कट को भरने की कोशिश की, लेकिन बहाव अधिक होने के कारण बाद में जेसीबी की सहायता से कट को भर दिया। किसानों ने आरोप लगाया कि पिछले काफी समय से पिछले काफी समय से रंगोई और रिंग बांधों को मजबूत नहीं किया गया।
इस कारण उनके किनारे कमजोर पड़ चुके हैं। हल्की सी बरसात का दबाव भी न झेल सके। उन्होंने कहा कि अभी तो रंगोई बांध में घग्घर का पानी भी नहीं आया है, अगर घग्घर का पानी रंगोई नाले में आया होता, तो रिंग बांध टूटने से पानी खेतों में घुस जाता, जिससे उनकी लाखों रुपये की फसल खराब हो जाती। ग्रामीणों ने तो यहां तक आरोप लगाया कि सिंचाई और पंचायत विभाग के अधिकारी रिंग बांध मजबूत करने के नाम पर हर वर्ष कागजों में ही खानापूर्ति कर देते हैं। धरातल पर काम नहीं करवाते जिस कारण ही बांध टूट जाते हैं । उन्होंने उपायुक्त से रिंग बांध मजबूती के नाम पर की गई धांधली की उच्चस्तरीय जांच करने की मांग की।