फतेहाबाद की सब्जी मंडी में बोली के लिए पहुंची सब्जयां। स्रोत : व्यापारी
फतेहबाद। जिले के किसानों को खरीफ की फसल में बारिश के कमी के कारण जहां फसलों की पैदावार कम हुई है। वहीं अब सब्जियों की खेती करने वाले किसानों पर मुसीबत आ चुकी है। इन दिनों गाजर और गोभी के भाव में कमी होने से किसान गोभी की फसल को नष्ट करने को मजबूर हो गए हैं।
पिछले एक सप्ताह से गोभी का भाव सब्जी मंडी में 3 रुपये प्रति किलो से लेकर 6 रुपये प्रति किलो तक है। जिससे किसानों को फसल की लागत भी पूरी नहीं हो पा रही है। ऐसे में किसान चिंता में है। जिले के किसान गिरधारी, सुरेंद्र कुमार, लीलूराम और रामलाल आदि ने बताया कि एक सप्ताह पहले जहां गोभी का भाव बोली पर 15 रुपये प्रति किलो तक था। जिससे किसानों को कुछ लाभ प्राप्त हो रहा था। लेकिन उस समय गोभी की फसल का उत्पादन कम था। वहीं पैदावार में कुछ बढ़ोतरी हुई है तो इसके भाव में कमी हो गई है। अब गोभी की फसल को सब्जी मंडी में लेकर जाना नुकसानदायक साबित हो रहा है। गोभी की फसल को खेत से सब्जी मंडी तक पहुंचने में प्रति किलो पर करीब दो से ढाई रुपये का खर्च आता है। ऐसे में गाेभी की खेती करना किसानों के लिए घाटे का सौदा बनकर रह गया है।
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बाजार में बिक रही 20 रुपये प्रति किलाे गोभी
फतेहाबाद की सब्जी मंडी में सुबह के समय बोली पर गोभी 3 रुपये लेकर 6 रुपये प्रति किलो पर किसान बेच रहे हैं। सब्जी विक्रेताओं के लिए इसका भाव अभी भी 20 रुपये प्रति किलो है। ऐसे में फतेहाबाद के हंस मार्केट में सब्जी की खरीदारी करने पहुंची गृहिणी रिटा, ममतेश, मंजू, सुनीता, नीतू और प्रीति आदि ने बताया कि गोभी का भाव पिछले कई दिनों से 20 रुपये किलो है। वहीं दुकानदारों का भी कहना है कि भाव में कमी नहीं आई है।
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गोभी के प्रति एकड़ खेती में आता है 50 हजार का खर्च
फतेहाबाद के हांसपुर रोड के पास सब्जियों की खेती करने वाले किसान गिरधारी ने बताया कि गोभी की फसल के लिए पहले बीज से पौध तैयार करना होता है। इसके बाद बुवाई और खाद, दवा का खर्च होता है। वहीं फसल में बार-बार सिंचाई की आवश्यकता भी होती है। इसके बाद अंत में सब्जियों की फसल को तोड़कर सब्जी मंडी तक ले जाना होता है। लेकिन इतनी मेहनत के बाद भी किसान फसलों पर लागत मूल्य भी नहीं प्राप्त कर पा रहे हैं।