जानकारी के अनुसार गांव समैण निवासी सुनील डिलीवरी के लिए अपनी पत्नि
को सुबह सात बजे पीएचसी में आया लेकिन वहीं एक चपरासी के अलावा कोई भी
कर्मचारी मौजूद नहीं था।
टाइम टेबल के अनुसार नाइट ड्यूटी में 2 से आठ बजे
तक डिलीवरी हेतू नर्स की ड्यूटी थी। सुनील ने बताया कि पीएचसी में पहुंचे
डॉक्टर बार-बार कहते रहे कि नर्स आने वाली है लेकिन साढ़े दस बजे तक भी कोई
नर्स नहीं पहुंची।
वैसे तो यहां 24 घण्टे सुविधाओं को बड़ा बोर्ड लगा हुआ
है लेकिन सुविधाओं से भरे इस बोर्ड की असलियत कुछ और ही है। ये कोई पहला
मामला नही है जब ये लापरवाही सामने आई हो। इससे पहले भी अनेक लापरवाही के
मामले सामने आ चुके हैं।