दस से 25 फीसदी छूट के साथ बकाया संपत्ति कर (प्रॉपर्टी टैक्स) जमा करने के अंतिम दिन शनिवार को नगर परिषद के खजाने में तीन लाख रुपये जमा हुए। जबकि एक दिन पहले शुक्रवार को सात लाख रुपये टैक्स जमा हुआ था। इस तरह दो दिनों में नगर परिषद ने दस लाख रुपये प्राप्त किए।
नगर परिषद का करीब चार करोड़ रुपये संपत्ति कर बकाया पड़ा है। नगर निकाय की तरफ से कोरोना काल में संपत्ति कर भरने के लिए छूट दी गई थी। पहले ये छूट अगस्त माह तक थी जिसे बढ़ाकर 31 अक्तूबर तक कर दिया गया। शनिवार आखिरी दिन होने के चलते नगर परिषद ने कार्यालय खुला रखा। छूट को लेकर आगे तारीख बढ़ाने का ऐलान नहीं किया गया है।
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शहर में यूनिट - 25000
संपत्ति कर बकाया - 18 करोड़ रुपये
नगर परिषद ने नहीं किया प्रचार : संपत्ति कर में छूट को लेकर नगर परिषद ने लोगों को जागरूक करने के लिए प्रचार तक नहीं किया। इसके अलावा न ही कोई जानकारी आम लोगों को दी गई। इसके अलावा शहर और वार्ड में स्पेशल काउंटर भी नप ने नहीं लगाए। अधिकारियों की माने तो छूट के चलते नप एक करोड़ रुपये की वसूली कर पाया है।
संपत्ति कर में छूट का आखिरी दिन था। इसके चलते काउंटर खुले थे। शनिवार को आखिरी दिन तीन लाख रुपये वसूल किए गए हैं। तारीख आगे बढ़ाने को लेकर अभी कोई आदेश नहीं आए हैं। - जगदीश चंद्र, मुख्य लिपिक, नप।