भट्टू कलां। कम बरसात और नहरी पानी की किल्लत से भट्टू कलां क्षेत्र में खरीफ फसलें बर्बाद हो गई हैं। अखिल भारतीय किसान सभा ने पूरे क्षेत्र को तुरंत सूखाग्रस्त घोषित करने और प्रभावित किसानों को मुआवजा देने की मांग उठाई है।
किसान सभा की बैठक में जिला प्रधान विष्णु दत्त ने कहा कि क्षेत्र के किसान लगातार कुदरत की मार झेल रहे हैं। पहले भारी बारिश और सेम की समस्या ने परेशान किया। अब पानी की कमी से धान, ग्वार और कपास की फसलें नष्ट हो गई हैं।
उन्होंने कहा कि किसानों ने बीज, खाद और डीजल पर अपनी गाढ़ी कमाई खर्च की थी। फसल बर्बाद होने से उनके सामने जीवनयापन का संकट खड़ा हो गया है। किसान और खेत मजदूर लगातार कर्ज में डूब रहे हैं। सरकार और प्रशासन को प्रभावित किसानों की तत्काल मदद करनी चाहिए।
बैठक की अध्यक्षता सुभाष चंद्र भादू ने की। इसमें किसानों और खेत मजदूरों की समस्याओं पर चर्चा हुई। किसान सभा ने पूरे क्षेत्र में विशेष गिरदावरी करवाने और प्रभावित किसानों को 50 हजार रुपये प्रति एकड़ मुआवजा देने की मांग की।
फसल बीमा योजना के लंबित क्लेम किसानों के खातों में तुरंत भेजने की मांग भी उठी। मूंगफली की आवक को देखते हुए सरकारी न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीद शुरू करने की मांग की गई। विष्णु दत्त ने बताया कि लंबित मांगों के समर्थन में 11 सितंबर को भट्टू कलां तहसील कार्यालय के सामने धरना दिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा। धरने की तैयारी के लिए गांव-गांव जनसंपर्क अभियान चलाया जाएगा। बैठक में मास्टर हनुमान सिंह, रिछपाल सिंह, रोहतास डूडी, मनीष सिवाच, राजेंद्र सिंह, वजीर सिंह, हवा सिंह, किशोरी लाल, राकेश कुमार, भूप सिंह, मोती लाल और अजय सिंह सहित कई किसान नेता और ग्रामीण मौजूद रहे।