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Fatehabad News: खेतों में जलभराव से नष्ट होने लगी फसलें

Fri, 29 Aug 2025 11:58 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
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गांव मेहूवाला में पिछले तीन दिनों से नरमा की फसल में जलभराव। संवाद
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फतेहाबाद। जिले में पिछले दिनों हुई बारिश से जलभराव है। फसलों में जमा बारिश के पानी को अब 36 घंटे से अधिक का समय बीत गया है। वीरवार को निकली तेज धूप के बाद शुक्रवार को फसलों में इसका प्रभाव दिखाई देना शुरू हो गया है। इससे नरमा, धान और ग्वार की करीब 1000 एकड़ की फसल में नुकसान की आशंका है।
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जिले में इस बार जनवरी से लेकर अभी तक 350 एमएम बारिश दर्ज की गई है। जबकि जिले में औसतन वार्षिक बारिश 373 एमएम है। जिसमें पिछले दो माह में 200 एमएम से अधिक बारिश हुई है। इससे जमीन के जलग्रहण की क्षमता कम हो चुकी है। ऐसे में जिले के करीब 30 गांवों में फसलों में जलभराव की समस्या बनी हुई है। इससे फसलें नष्ट होने की कगार पर पहुंच गई हैं।

वहीं मौसम विशेषज्ञों के अनुसार 5 सितंबर तक और बारिश की आशंका जताई है, जिससे किसानों की फसलें पूरी तरह से नष्ट होने की कगार पर पहुंच गई हैं। किसानों ने बताया कि नरमा की फसल में बहुत कम पानी की आवश्यकता होती है। नरमा की फसल में पानी सूखने के बाद भी खराब हो जाती है। वहीं धान की पौध के पते पानी में नहीं डूबे है तो इससे उम्मीद है कि वह नष्ट होने बच जाए लेकिन पानी एक सप्ताह से अधिक समय तक जमा नहीं रहना चाहिए।
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इन गांवों में जलभराव की समस्या

भट्टू खंड के 14 गांवों में सेम की समस्या होने से फसलें जुलाई माह में ही नष्ट हो चुकी है। वहीं अब गांव हुक्मावाली, हड़ौली, नागपुर, खुनन, अलीकां, मड़, कलौठां, बबनपुर, बादलगढ़ बह्मनवाला, लूठेरा और भूथन कलां सहित अन्य कई गांवों में फसलें प्रभावित हुई हैं। इसको लेकर किसानों ने सरकार से गिरदावरी करवाकर मुआवजे की मांग की है।

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खेत में नरमा की फसल की बुवाई की है। इस बार फसल अच्छी थी, जिससे बेहतर उत्पादन की उम्मीद थी लेकिन लगातार हुई बारिश से यह खराब हो चुकी है। वहीं अगर अब और भी बारिश होती है तो धान की फसल भी खराब हो सकती है।

-चांदीराम, किसान गांव भूथन कलां।

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पिछले तीन दिनों से धान की फसल तीन-तीन फीट पानी जमा है। अगर अगले एक या दिनों में पानी का स्तर कम नहीं हुआ तो फसल खराब हो जाएगी। ऐसे में सरकार को स्पेशल गिरदावरी कर मुआवजा जारी करना चाहिए।

-गग्गी चहल, जिला उप प्रधान, पगड़ी संभाल जट्टा किसान संघर्ष समिति।

:: नरमा की फसल में जलभराव के दौरान यदि धूप निकलती है तो फसल खराब हो जाएगी। वहीं धान की पौध ऊपर से 6 इंच पानी से बाहर है तो संभावना है कि नुकसान होने से बच जाए। जलभराव के दौरान फसल को नष्ट होने से बचाने यही उपाय है कि खेतों से पानी की निकासी हो।
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-डॉ. राजेश सिहाग, उपनिदेशक कृषि एवं कल्याण विभाग, फतेहाबाद।
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