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Fatehabad News: बारिश की कमी से फसल प्रभावित, किसानों ने सूखाग्रस्त घोषित करने की मांग की

Tue, 29 Sep 2026 10:51 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
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शहर की नई अनाज मंडी में प्रदर्शन करते किसान। स्रोत किसान
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फतेहाबाद। बारिश की कमी से फसलों की पैदावार में आई गिरावट से चिंतित खेती बचाओ किसान संघर्ष समिति ने जिले को सूखाग्रस्त घोषित करने और उचित मुआवजा देने की मांग की। किसानों ने मंगलवार को लघु सचिवालय पहुंचकर डीसी डॉ. विवेक भारती को ज्ञापन सौंपा।
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समिति के पदाधिकारियों और किसानों ने कहा कि बारिश की कमी से फसलों पर प्रतिकूल असर पड़ा है। इससे किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। उन्होंने सरकार से नुकसान का आकलन करवाकर उचित मुआवजा देने की मांग की।
इसके साथ ही किसानों ने धान की खरीद शुरू करने की मांग उठाई। किसान अनाज मंडी पहुंचे और नारेबाजी कर धान की न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीद शुरू करने की आवाज बुलंद की। खेती बचाओ किसान संघर्ष समिति के प्रदेश उपाध्यक्ष राजेंद्र चहल ने कहा कि सरकार ने 29 सितंबर से धान की खरीद शुरू करने की घोषणा की है।
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इसके बावजूद मंडियों में किसानों की धान की फसल की खरीद शुरू नहीं हुई है। किसानों ने सरकार से जल्द धान खरीद शुरू करने और बारिश की कमी से प्रभावित फसलों का उचित मुआवजा देने की मांग की। इस दौरान जिला प्रधान मदन बिजारनिया, सुरेंद्र जाखड़, छेलू राम, रविंद्र कड़वासरा सहित कई किसान मौजूद रहे।
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किसानों ने मंडी में पहुंचकर जांची नमी
यूनियन के सदस्यों ने मंडी में पहुंचकर धान की नमी की जांच की। जांच के दौरान धान में नमी करीब 15 प्रतिशत तक पाई गई। किसानों का कहना है कि जब फसल खरीद के निर्धारित नमी 17 फीसदी है तो मानकों के अनुरूप है तो उसकी खरीद एमएसपी पर तुरंत शुरू की जानी चाहिए, ताकि किसानों को मंडियों में अपनी फसल बेचने के लिए इंतजार न करना पड़े।
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28 क्विंटल की खरीद को बढ़ाने की मांग
राजेंद्र चहल ने प्रति एकड़ 28 क्विंटल धान की खरीद की सीमा निर्धारित किए जाने पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि प्रति एकड़ 28 क्विंटल की सीमा किसानों के हित में नहीं है और इससे अधिक उत्पादन करने वाले किसानों को अपनी पूरी फसल बेचने में परेशानी हो सकती है। इसके अलावा किसानों को पोर्टल पर सत्यापन नहीं होने की समस्या का भी सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने सरकार से पोर्टल संबंधी तकनीकी दिक्कतों को दूर कर किसानों की फसल की खरीद सुचारु करवाने की मांग की।
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