हरियाणा के फतेहाबाद के गांव भुंदड़ा में 223 कनाल सरपल्स जमीन को लाभार्थियों के नाम न करवाकर बड़े किसानों के नाम करने का बड़ा घोटाला सामने आया है। इस घपले में बड़ी बात यह रही कि करोड़ों रुपये की इस जमीन को सांठगांठ करके बड़े किसानों के नाम कर दिया गया और मात्र 20 हजार रुपये सरकारी खजाने में जमा करवाए गए। विजिलेंस ने इस मामले में तत्कालीन एसडीएम, पटवारी सहित 11 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है।
हिसार विजिलेंस ने डीएसपी सुरेंद्र पाल की शिकायत पर फतेहाबाद के तत्कालीन एसडीएम सतबीर सिंह जांगू, सरप्लस पटवारी जगदीश चंद्र के अलावा भुंदड़ा के किसान व लाभार्थी सविंद्र सिंह, हरमिंद्र सिंह, मोहन सिंह, गुरमेल सिंह, रसुलपुर निवासी नछत्तर सिंह, जगसीर सिंह, मिट्ठू सिंह, दिगोह निवासी प्यारा सिंह व भूना तहसील के हरविंद्र सिंह के खिलाफ षड्यंत्र रचकर फर्जी कागजात तैयार कर योग्य व्यक्तियों को दरकिनार कर अयोग्य व्यक्तियों के नाम सरप्लस की जमीन अलॉट करने के आरोप में धारा 166, 177, 409, 418, 420, 120बी व भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम की धारा 13(1)सी, 13(1)डी, 13(2) के तहत केस दर्ज किया है।
विजिलेंस को शिकायत मिली थी कि मोहन सिंह, भुंदड़ा के पटवारी, कानूनगो, नायब तहसीलदार भूना, नायब तहसीलदार सरप्लस व जसदीप नंबदार ने मिलीभगत कर सरप्लस की 11 करोड़ रुपये की 223 कनाल भूमि मात्र 20 हजार में असल हकदारों का हक मारकर उन लोगों के नाम की है, जो पहले से ही जमीन के मालिक हैं।
भुंदड़ा में घोषित हुई थी 223 कनाल जमीन सरपल्स
विजिलेंस जांच में पाया गया कि गांव भुंदड़ा की 223 कनाल 8 मरले भूमि सरप्लस घोषित हुई थी, जिसका इंतकाल नंबर 543 है और 15 सितंबर 2017 को इसे हरियाणा सरकार के नाम कर दिया गया था। यह जमीन हरियाणा यूटिलाइजेशन सरप्लस एक्ट 1976 के तहत संबंधित गांव के उन निवासियों को अलॉट की जा सकती थी, जो 24 जनवरी 1971 से पहले के रहने वाले हों तथा इस जमीन पर मुजारे रहे हो। इसके अलावा उनके पास दो हेक्टेयर या उससे ज्यादा जमीन नहीं है। इस मामले की शिकायत विजिलेंस के पास 27 मार्च 2018 को लाभ से वंचित रहे मुजारों ने विजिलेंस को दी थी।
मुजारा न होने के बावजूद कर दी जमीन नाम
आरोप है कि तत्कालीन एसडीएम सतबीर जांगू ने भुंदड़ा निवासी सविंद्र सिंह को 19 कनाल 2 मरले भूमि अलॉट की, जबकि सविंद्र सिंह के पास मुजारा होने को कोई प्रमाण नहीं था। नछतर सिंह निवासी रसुलपुर को 44 कनाल 7 मरले भूमि अलॉट की गई, जो भुंदडा गांव का निवासी ही नहीं था। हरमिंद्र सिंह को 3 कनाल 2 मरला व मोहन सिंह को 14 कनाल जमीन अलॉट की गई, जबकि मोहन सिंह के पास 91 कनाल 8 मरला भूमि थी, जो दो हेक्टेयर से ज्यादा है। इसी तरह 64 कनाल के मालिक गुरमेल सिंह को 16 कनाल, गांव दिगोह निवासी प्यारा सिंह को 66 कनाल 19 मरले जमीन अलॉट की गई। इसी तरह बाकी किसानों को भी नियमों के विरुद्ध जाकर जमीन अलॉट की गई।
जमीन 11 करोड़ की, सरकारी खजाने में जमा हुए मात्र 20 हजार रुपये
इस 11 करोड़ कीमत की जमीन की एवज में सरकारी खजाने में सिर्फ 20 हजार रुपये जमा करवाए गए। स्टेट विजिलेंस ने भ्रष्टाचार का केस दर्ज कर जांच के लिए विजिलेंस ब्यूरो फतेहाबाद के डीएसपी राकेश कुमार की ड्यूटी लगाई है। करीब साढ़े चार वर्ष पूर्व हुए फ्रॉड की अब जांच पूरी हुई है। उल्लेखनीय है कि सतबीर जांगू एडीसी पदोन्नत होकर सेवानिवृत्त भी हो चुके हैं।
जमीन नाम करने के मामले की जांच विजिलेंस ने की थी। जांच में घोटाला नजर आया है और इसके बाद ही केस दर्ज किया गया है। इस मामले की आगे की जांच आरंभ कर दी गई है।
-राकेश कुमार, डीएसपी विजिलेंस, फतेहाबाद।