कष्ट निवारण समिति की बैठक में फटकार लगने और फूड सेफ्टी इंस्पेक्टर को सस्पेंड करने के बाद शुक्रवार को गर्मी का आधा सीजन खत्म होने के बाद स्वास्थ्य विभाग हरकत में आ गया। विभाग दूध, पनीर और दही के सैंपल लेने के लिए सड़क पर उतर आया। सैंपलिंग की सूचना आग की तरह शहर में फैल गई। इसका असर यह हुआ कि शहर के सभी डेयरी संचालक दुकानें बंद कर भूमिगत हो गए। डीएसपी रोड पर एक दूधिया टीम को देखकर सड़क पर ही मोटरसाइकिल छोड़कर फरार हो गया। इस पर स्वास्थ्य विभाग की टीम को मौके पर पुलिस बुलवानी पड़ी।
नागरिक अस्पताल के डिप्टी सीएमओ गिरीश और उनके सहायक बाल किशन ने वाल्मीकि चौक पर नाका लगाकर पुलिस की मदद से बाइक पर दूध की सप्लाई करने वालों को सड़क पर रुकवाकर ही सैंपलिंग शुरू की। यहां मनोहर लाल निवासी अयाल्की और रणजीत निवासी मानावाली दूधिये के मोटरसाइकिल को रुकवाकर सैंपल लिया।
टीम ने तहसील चौक में एक लस्सी विक्रेता के यहां भी जांच की। टीम जैसे ही डीएसपी रोड से पुराने बस स्टैंड की तरफ मुड़ी तो एक दुधिया अपना बाइक सड़क पर छोड़कर ही भाग गया। डॉक्टर गिरीश ने मौके पर पुलिस बुलवा ली। इसके बाद भागे दूध विक्रेता का पिता धर्मपाल निवासी अयाल्की मौके पर आ गया और उसने सैंपलिंग करवाई।
उसके बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम मॉडल टाऊन में पपीहा पार्क के पास स्थित दुकान रायल सोया प्रोडक्ट के यहां पहुंची। यहां कट्टों में भरे पनीर से दुर्गंध आ रही थी। डॉ. गिरीश ने दुकान संचालक से लाइसेंस मांगा, मगर वह लाइसेंस नहीं दिखा पाया। उससे पूछा गया कि यह पनीर कहां बनाते हो, तो वह कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे पाया। डॉ. गिरीश ने पनीर के सैंपल भर लिए। डॉक्टर ने बताया कि सैंपल की रिपोर्ट आने पर सभी आरोपी पाए जाने वालों पर कार्रवाई होगी।
दूध विक्रेताओं का मजबूत नेटवर्क, सूचना मिलते ही हुए गायब
दूध विक्रेताओं का नेटवर्क इतना मजबूत है कि डेयरी संचालक हो या फिर दूधिये सूचना मिलते ही मिनट में गायब हो जाते हैं। डॉ. गिरीश दूध डेयरियों पर पंहुचे, तो खबर पहले लीक हो चुकी थी। इसलिए माजरा रोड, डीएसपी रोड पर सभी डेयरियों पर ताले लटके पाए गए।
अब कार्रवाई कौन करेगा
स्वास्थ्य विभाग के डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. गिरीश ने सैंपल तो ले लिए लेकिन सैंपल फेल आने पर कार्रवाई कौन करेगा इसका जवाब अभी विभाग के पास भी नहीं है। क्योंकि फूड सेफ्टी इंस्पेक्टर को पिछली मीटिंग में स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने सस्पेंड कर दिया था। अब कार्रवाई करने के लिए विभाग के पास कोई अधिकारी नहीं है। डॉ. गिरीश का कहना है कि फतेहाबाद में चार्ज देने के लिए मुख्यालय को लिख दिया गया है।