बुधवार को जींद के डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. सतीश सुलेख के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा की गई छापामारी के मामले में फतेहाबाद सीएमओ ने चौंकाने वाला खुलासा किया है। फतेहाबाद सीएमओ डॉ. अशोक चौधरी ने कहा है कि जींद की टीम ने फतेहाबाद जिले में रेड डालने से पहले उन्हें मामले की सूचना नहीं दी जबकि नियमानुसार दूसरे जिले से आने वाली टीम को सबसे पहलेे संबंधित सीएमओ को सूचित करना होता है जिसके बाद स्थानीय विभाग का एक अधिकारी साथ जाता है लेकिन बाला जी सेंटर मामले में इन नियमों को ताक पर रख दिया गया।
पता लगते ही रतिया एसएमओ को टीम के पास भेजा
सीएमओ डॉ. अशोक चौधरी ने साफ तौर पर कहा है कि जींद के डिप्टी सीएमओ डॉ. सतीश सुलेख ने उन्हें तकरीबन सवा एक बजे रेड डालने की सूचना दी जबकि उनकी जानकारी के अनुसार वो और उनकी टीम सुबह 11 बजे ही बाला जी सेंटर पर पहुंच चुके थे। डॉ. चौधरी ने कहा कि जब उन्हें सूचना मिली तो उन्होंने तुरंत रतिया एसएमओ डॉ. वीके जैन को टीम के पास भेजा।
बाला जी सेंटर संचालक ने लगाया था बदतमीजी करने का आरोप
बुधवार रात हंगामे के दौरान बाला जी डाइग्नोस्टिक सेंटर के संचालक डॉ. उमेश ने जींद डिप्टी सीएमओ डा. सुलेख पर आरोप लगाते हुए कहा था कि उन्होंने जानबूझ कर उन्हें निशाना बनाया है। डॉ. उमेश ने आरोप लगाया था कि डॉ. सुलेख ने उन्हें कहा कि इतना तेल फूंककर आए हैं तो कुछ ना कुछ तो करके ही जाएंगे। डॉ. उमेश की मानें तो रेड फेल होने के चलते उन्हें प्रताड़ित करने का काम डा. सुलेख और उनकी टीम कर रही थी।