टोहाना प्रशासन ने न्यायालय के आदेश पर हिसार-चंडीगढ़ रोड स्थित लगभग 15 एकड़ जमीन पर अवैध कब्जा को छुड़वा लिया। शुक्रवार को तहसीलदार नवदीप नैन एवं डीएसपी सुभाष विशिष्ट के नेतृत्व में भारी पुलिस बल चंडीगढ़ रोड स्थित नंदीशाला की जगह के पास पहुंचा। पुलिस बल के आने की सूचना मिलते ही लोग नंदीशाला के आगे आ डटे। इसके बाद प्रशासनिक अधिकारियों और स्थानीय लोगों के बीच काफी देर तक बहस चलती रही।
इस दौरान लगातार टकराव की स्थिति की आशंका के चलते प्रशासनिक अधिकारियों की सांसे भी फूली रही। लेकिन बाद में लावारिस पशुओं को इसी नंदीशाला में रखने के अधिकारियों के आश्वासन के बाद लोगों ने शांतिपूर्ण तरीके से कब्जा छुड़ाने की हामी भरी। इससे पहले शुक्रवार अलसुबह पांच बजे ही सैकड़ों की संख्या में पुरुष और महिला पुलिसकर्मी सदर पुलिस परिसर में एकत्रित हुए।
दूसरी ओर कब्जा हटाओ कार्रवाई की सूचना मिलते ही नंदीशाला, सैनी समाज और रविदास मंदिर व स्वर्गाश्रम समिति से जुड़े लोग मौके पर पहुंचे तथा प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। प्रदर्शन में महिलाएं भी शामिल थीं। दोपहर लगभग 12 बजे ड्यूटी मजिस्ट्रेट तहसीलदार नवदीप नैन, डीएसपी सुभाष विशिष्ट, थाना सदर प्रभारी प्रदीप कुमार, शहर प्रभारी संदीप कुमार, महिला चौकी प्रभारी मंजु सिंह की अगुवाई में पुुलिस बल मौके पर पहुंचा। भीड़ की संख्या देखते हुए प्रशासन ने लोगों से बातचीत शुरू की लेकिन शुरुआत में लोगों ने प्रशासनिक अधिकारियों की बात को सिरे से ही खारिज कर दिया।
शहर में उत्पाद मचा देंगे लावारिस सांड, हो जाएगा जीवन पर खतरा : सैनी
इस दौरान नंदीशाला संयोजक धर्मपाल सैनी ने बताया कि कुछ समय पूर्व शहर में लावारिस एवं खतरनाक सांडों का आतंक अधिक हो गया था और सांडों की चपेट में आकर कई लोगों की जानें भी जा चुकी थी। इसके बाद शहर के अनेक समाजसेवी संगठनों के प्रतिनिधियों ने प्रशासन से विचार विमर्श के बाद इस जगह पर नंदीशाला बनाकर सभी लावारिस सांडों को पकड़कर नंदीशाला में अंदर रखने का फैसला लिया था। इसमें प्रशासन के साथ-साथ शहर के सैकड़ों लोगों ने सहयोग किया था। सैनी ने कहा कि इस नंदीशाला के अस्तित्व में आने के बाद ही शहरवासियों ने राहत की सांस ली थी और इन हादसों से निजात मिली थी।
उन्होंने बताया कि इसी जगह स्थित श्मशान भूमि पर सैकड़ों सालों से लोग अपने परिजनों का अंतिम संस्कार करते आ रहे हैं। इतना ही नहीं, इसी जमीन पर रविदास समाज की ओर से मंदिर, पुराना जोहड़ और शिवमंदिर भी मौजूद है। समाज के लोगों ने चेतावनी देते हुए कहा कि चाहे उन्हें कोई भी कुर्बानी देनी पडे़ वे इस जगह से अपने धार्मिक मंदिर, स्वर्गाश्रम और नंदीशाला को नही हटाएंगे। उन्होंने न्यायालय एवं सरकार से अपील कर उक्त मामले पर पुन: संज्ञान लेने की मांग रखी। इसके बाद ड्यूटी मजिस्ट्रेट तहसीलदार नवदीप नैन ने लोगों को आश्वस्त किया कि नंदीशाला, स्वर्गाश्रम व मंदिर को कोई नुकसान नही पहुंचने दिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि न्यायालय के आदेश पर यह कार्रवाई की गई है तथा 15 एकड़ जमीन पर कब्जा ले लिया है। जबतक प्रशासन लावारिस पशुओं के लिए कुछ और व्यवस्था नहीं कर लेता, तब तक पशुओं को यहीं रखा जाएगा। इसके लिए जमीन वारिसों से बात हुई है। इसके बाद लोग कब्जा छोड़ने को तैयार हुए। गौरतलब है कि गांव गुलरवाला के निवासी ने न्यायालय में याचिका लगाई थी कि चंडीगढ़ रोड पर स्थित उसकी लगभग 17 एकड़ जमीन पर कुछ लोगों ने कब्जा किया है। इस मामले में कोर्ट ने प्रशासन को कब्जा छुड़ाने के निर्देश दिए थे। इसके बाद इससे पूर्व 29 जनवरी को भी प्रशासन ने कब्जा कार्रवाई के लिए प्रयास किए थे, लेकिन भीड़ की संख्या अधिक होने के कारण प्रशासन कब्जा छुड़वाने में नाकाम रहा था।