नजदीकी गांव हिजरावांखुर्द में एक युवक और 17 वर्षीय लड़की ने वीरवार अलसुबह फंदा लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। आत्महत्या के पीछे प्रेम प्रसंग को वजह बताया जा रहा है। दोनों के शव लड़की के घर के पीछे बने ट्यूबवेल के कमरे में मिले। घटना की सूचना मिलते ही डीएसपी विजय जाखड़, सदर एसएचओ बिजेंद्र सिंह, फोरेंसिक एक्सपर्ट जोगेंद्र सिंह एवं सीआईए इंचार्ज दलीप सिंह मौके पर पहुंचे और घटनास्थल की जांच की। मृतक युवक विजय घटनास्थल से तकरीबन पांच किलोमीटर दूर हिजरावांकलां का रहने वाला था। दोनों बीघड़ रोड स्थित एक निजी स्कूल के विद्यार्थी थे। मृतकों के शवों का सामान्य अस्पताल में पोस्टमार्टम करवा शव परिजनों को सौंप दिए गए हैं। आत्महत्या के कारणों का खुलासा नहीं हो सका है।
दौड़ लगाने की कहकर गया था विजय
युवक विजय के पिता भगवान दास ने बताया कि विजय सुबह जल्दी उठा हुआ था और वह दौड़ लगाने का बोलकर घर से सुबह चार बजे निकला था। उसके बाद तकरीबन साढ़े पांच-छह बजे उसे विजय की मौत की सूचना मिली। दूसरी ओर, लड़की के परिजनों का कहना है कि लड़की सीमा रात को घर पर सोई थी। ऐसे में वह घर के पीछे बने हुए ट्यूबवेल वाले कमरे में कैसे पहुंची, इसके बारे में किसी को कुछ नहीं पता।
रस्सी की मजबूती जांचने के भी मिले सबूत
पुलिस सूत्रों की मानें तो युवक और लड़की ने आत्महत्या करने से पहले रस्सी की मजबूती जांचने के भी प्रयास किए। जिस कमरे में दोनों के शव मिले, उसी कमरे में सदर एसएचओ एवं फोरेंसिक एक्सपर्ट जोगेंद्र सिंह को रस्सी के कुछ टुकड़े भी मिले। अंदाजा लगाया जा रहा है कि मरने से पहले उन दोनों ने रस्सी की मजबूती को भी जांचने की कोशिश की थी। दोनों के शव एक ही रस्सी से बने फंदों से लटके पाए गए। इतना ही नहीं, कमरे की हालत देखने पर पता चलता है कि दोनों ने एक समय में आत्महत्या की है। दरअसल दोनों शवों के पीछे एक कुर्सी गिरी हुई मिली थी। इससे अनुमान है कि दोनों ने फंदों को गले में डालने के बाद एक साथ ही कुर्सी को गिरा कर मौत को गले लगा लिया।
शवों के पास नहीं मिला कोई सुसाइड नोट
सीमा और विजय की मौत की गुत्थी पुलिस के लिए पेचीदा हो गई है। पुलिस इसे महज सुसाइड का मामला बता रही है, लेकिन इस बारे में कोई कुछ बोलने को तैयार नहीं है। घटनास्थल पर कोई सुसाइड नोट भी नहीं मिला है। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या सीमा और विजय किसी को नहीं बताना चाहते थे कि वो आखिर इतना बड़ा कदम क्या उठाने जा रहे हैं।
पूर्व नियोजित था आत्महत्या का कदम
जिस प्रकार की परिस्थितियां बनी हैं, उससे यह संभावना जताई जा रही है कि विजय और सीमा ने आत्महत्या का फैसला पहले ही कर लिया था। क्योंकि विजय अपने पिता भगवानदास को सुबह चार बजे तो दौड़ का कहकर निकला ही था। विजय के गांव हिजरावांकलां से घटनास्थल तकरीबन पांच किलोमीटर की दूरी पर था। उसे वहां तक पहुंचने में तकरीबन 30 मिनट लगना स्वाभाविक है। सुबह साढ़े पांच बजे के आस पास की लड़की की मां ने दोनों के शवों को देखकर शोर भी मचा दिया था। ऐसे में सुबह लगभग साढ़े चार से सवा पांच बजे के बीच ही दोनों ने आत्महत्या की है। इसलिए इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता है कि दोनों ने आत्महत्या के बारे में पहले ही सोच लिया था और बाकायदा पूर्व नियोजित योजना के तहत दोनों ने फंदे पर लटक कर जान दे दी।
प्रथम दृष्टया सुसाइड का मामला लग रहा है। फिर भी मामले की गहराई से छानबीन की जा रही है। मैं और बाकी अधिकारी मौके पर जाकर आए हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही और बेहतर ढंग से बताया जा सकेगा।
विजय जाखड़, डीएसपी, फतेहाबाद
शवों के पास से सुसाइड नोट नहीं मिला है जिससे ये पता चल सके कि आखिर दोनों के आत्महत्या करने की वजह क्या रही। दोनों एक निजी स्कूल के विद्यार्थी थे, इसलिए फिलहाल मामले को प्रेम प्रसंग से ही जोड़कर देख रहे हैं। जांच जारी है। बिजेंद्र सिहाग, सदर एसएचओ, फतेहाबाद