फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अब प्राइवेट मेडिकल स्टोर पर मिली सरकारी दवाइयां, सील

Sun, 20 Mar 2016 12:31 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, फतेहाबाद
विज्ञापन
छापामारी - फोटो : fatehabad
विज्ञापन
फतेहाबाद में सड़क पर सरकारी अस्पताल की दवाइयां मिलने का मामला अभी ठंडा भी नहीं हुआ था कि दरियापुर के साथ लगते गांव कुकड़ावाली के एक निजी मेडिकल हॉल पर सरकारी दवाइयां मिलने से एक बार फिर स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया। सिविल सर्जन डॉ. अशोक चौधरी के निर्देश पर जिला ड्रग इंस्पेक्टर रमन श्योराण और डॉ. राकेश की टीम ने कार्रवाई की।
विज्ञापन


जांच के दौरान दुकान से तकरीबन 7 प्रकार की ऐसी दवाइयां बरामद की गईं जो केवल सरकारी अस्पताल में इस्तेमाल की जाती हैं। ड्रग इंस्पेक्टर ने दवाइयों को कब्जे में दुकानदार से पूछताछ की। दुकान के मालिक कुलदीप कुमार ने बताया कि उसकी दुकान पर एक लड़का ये दवाइयां रख कर गया था। इसके बाद ड्रग इंस्पेक्टर ने दुकान सील कर दी।

सीएमओ को मिली थी गुप्त सूचना
कुकड़ावाली में एक निजी मेडिकल हॉल पर सरकारी दवाइयां मिलने की सूचना दरअसल सिविल सर्जन डा. अशोक चौधरी को मिली थी। स्वास्थ्य विभाग के सूत्रों की मानें तो डॉ. चौधरी ने पहले अपने स्तर पर उक्त दवाइयों के बारे में पड़ताल की। सूचना सही होते देख सिविल सर्जन ने आखिरकार जिला ड्रग इंस्पेक्टर रमन श्यारोण के नेतृत्व में टीम गठित कर कार्रवाई की और मेडिकल हॉल को सील कर दिया गया।
विज्ञापन


सड़क पर मिली दवाइयों से भी कनेक्शन
जिला ड्रग इंस्पेक्टर रमन श्यारोण की टीम ने कुकड़ावाली में छापा मारकर निजी मेडिकल हॉल से सरकारी अस्पताल में मिलने वाली सात प्रकार की दवाइयां जब्त की हैं। इन दवाइयों में लोवोनजोल, एलबेंडाजोल, सिफ्टिला, ट्रेंडामोल इंजेक्शन, मिक्वरक एवं माला-एन शामिल हैं। डॉ. रमन श्योराण के अनुसार ये दवाइयां सरकारी अस्पताल की हैं।

बाकायदा इन पर अस्पताल की छाप भी है। डॉ. रमन श्यारोण से जब पूछा गया कि क्या उक्त दवाइयों का पिछले दिनों सड़क पर मिली दवाइयों से कोई लिंक है तो उन्होंने कहा कि ये सात प्रकार की दवाइयां सड़क पर मिली दवाइयों के जखीरे में भी शामिल थीं। ऐसे में इस बात की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता कि सड़क पर मिली दवाइयां भी निजी दुकानों पर बेचने के लिए अस्पताल से बाहर लाई गई थीं, लेकिन अंजान कारणों से सड़क पर ही फेंक दी गई।

फिर शुरू होगी एक और जांच
स्वास्थ्य विभाग के सूत्रों के मुताबिक, कुकड़ावाली और उससे पहले सड़क पर सरकारी अस्पताल की दवाइयों के मिलने से स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप की स्थिति है। सरकारी अस्पताल प्रशासन को भी अब दवाइयों के घालमेल की बू आने लगी है। माना जा रहा है कि इस घालमेल को उजागर करने के लिए आने वाले कुछ दिनों में विभिन्न गांवों में मेडिकल स्टोरों पर भी लगातार छापामारी की जा सकती है।

कुकड़ावाली में निजी मेडिकल हॉल पर प्रतिबंधित दवाइयों के अलावा सरकारी अस्पताल की दवाइयां मिली हैं। यह चौंकाने वाली बात है क्योंकि ये दवाइयां सिर्फ सरकारी अस्पताल में ही मिलती हैं। साथ ही दुकान के कागजात भी पूरे नहीं हैं। इस कारण दुकान को सील कर दिया गया है। मेडिकल हॉल के मालिक कुलदीप को सोमवार को दफ्तर बुलाया गया है।
रमन श्यारोण, जिला ड्रग इंस्पेक्टर, फतेहाबाद

कुकड़ावाली में दो दुकानें हैं जिन पर सरकारी अस्पताल की दवाइयां मिलने की सूचना थी। टीम ने छापा मारकर एक दुकान को सील कर दिया है। दूसरी दुकान बंद मिली। अब इस मामले की जांच होगी कि आखिर सरकारी अस्पताल की दवाइयां वहां कैसे पहुंची। -डॉ. मुनीष बंसल, एसएमओ, स्वास्थ्य विभाग
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें