टोहाना के वार्ड-13 से बाबा शिशन सिंह के घर तीन दिन पहले हुई मारपीट मामले में कार्रवाई न होने पर पीड़ित परिवार के लोगों ने मोहल्लावासियों के साथ मिलकर वाल्मीकि चौक पर जाम लगा दिया। आरोप लगाया कि पीड़ित परिवार के दो लोगों को इतनी बेरहमी से पीटा गया कि उन्हें गंभीर हालत में अग्रोहा मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया था। तीन दिन बाद भी आरोपी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई।
इससे परिजन भड़क गए और जाम लगाकर भाजपा सरकार, वेद जांगड़ा और पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। दिन भर लगे जाम के कारण लोगों को परेशानी हुई। सूचना पाकर एसआई अशोक कुमार मौके पर पहुंचे, लेकिन प्रदर्शनकारी आरोपी के खिलाफ कार्रवाई कर गिरफ्तारी की मांग पर अडे़ रहे। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक उसकी गिरफ्तारी नहीं होती, वे जाम नहीं खोलेंगे। इसके बाद तहसीलदार नवदीप नैन मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास किया। इसके बाद लोगों ने तहसीलदार को ज्ञापन भी सौंपा। आईजी की मीटिंग से लौटे एसएचओ जगदीश चंद्र ने पीड़ित परिवार को कार्रवाई का आश्वासन दिया, जिस पर लोगों ने शाम छह बजे जाम खोल दिया। इस दौरान टोहाना से हिसार, फतेहाबाद जाने वाले वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।
यह है आरोप
पीड़ित के बेटे धीरज सिंगला ने बताया कि उनके घर के बाहर आठ साल से उनकी ईंटें पड़ी हैं। तीन दिन पहले वेद जांगड़ा आया और ईंटों को उठाने की बात कहने लगा। इसके बाद वह अपने साथ चार-पांच लोगों को ले आया, जिन्होंने उनके साथ मारपीट की। उसके पिता को गंभीर हालत में अग्रोहा रेफर कर दिया गया। तीन दिन बीत जाने के बाद भी उनकी कोई सुनवाई नहीं हुई। अब वह उनके घर आकर मामले को दबाने की धमकियां दे रहा है। कहता है सरकार उनकी है, पुलिस उनकी जेब में है, वह क्या कर लेंगे। उसने आरोप लगाया कि नगर परिषद चुनाव में वेद जांगड़ा की पुत्रवधू हार गई, जिसको लेकर वह उनसे रंजिश रखे हुए था।
दो घंटे जाम में फंसे हाईकोर्ट के जज
सिरसा से चंडीगढ़ जा रहे हाईकोर्ट के जज अक्षदीप महाजन की गाड़ी भी जाम में फंस गई। लगभग दो घंटे तक जब वह जाम से नहीं निकल सके पाए तो वह अन्य किसी गाड़ी में सवार होकर बलियाला रेस्ट हाउस में रुक गए। लगभग दो घंटे बाद प्रदर्शनकारियों ने न्यायाधीश की गाड़ी को जाने दिया। इसके बाद गाड़ी रेस्ट हाउस में ले जाई गई, जहां से न्यायाधीश चंडीगढ़ के लिए रवाना हो गए। इसके अलावा, चंडीगढ़ से सिरसा जा रहे यमुनानगर आरटीए अधिकारी की गाड़ी भी जाम में फंस गई। उन्हें मजबूरन वापस लौटना पड़ा।
कई वाहन चालकों से हुई झड़प
जाम के दौरान प्रदर्शनकारियों की कई वाहन चालकों से झड़प भी हुई। चिलचिलाती गर्मी में जहां प्रदर्शनकारी चौक पर टेंट लगाकर जमे रहे, वहीं वाहन चालकों को काफी दिक्कतें हुईं। बस स्टैंड नजदीक होने के कारण रतिया, फतेहाबाद और चंडीगढ़ की ओर जाने वाली बसों के रूट बदलने पडे़। प्रदर्शनकारी चौक पर टेंट व दरियां बिछाकर बैठ गए। चौक को चारों ओर से मेजें लगाकर घेर लिया और वाहनों को रोका गया।
मेरे खिलाफ राजनीतिक षड्यंत्र : वेद जांगड़ा
वेद जांगड़ा ने फोन पर बताया कि वह इस मामले में नहीं हैं। इनका झगड़ा किसी और के साथ था। लेकिन राजनीतिक षड्यंत्र के चलते उस पर बेबुनियाद आरोप लगाए गए हैं। उन्होंने बताया कि यह सब झगड़ा स्थल पर लगे कैमरे से पता लगाया जा सकता है। विपक्षी दल के कुछ लोग इस बात को तूल दे रहे हैं।
दो लोगों को लिया हिरासत में
मामले के जांच अधिकारी एसआई अशोक कुमार ने बताया कि उनके पास मारपीट की शिकायत आई थी। इस संबंध में पुलिस ने दो लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की है।
जब एसएचओ जगदीश चंद्र से बात की गई तो उन्होंने इस मामले में कुछ भी बताने से इंकार कर दिया। उन्होंने कहा कि इस बारे में डीएसपी ही बता सकते हैं।