टोहाना में एक महिला ने पहले तीन युवकों पर गैंगरेप करने और उसे दहमान बस स्टैंड पर फैंकने का आरोप लगाया। पुलिस ने मामले में सुप्रीम कोर्ट की गाइड लाइंस का पालन करते हुए आनन-फानन में तीन अज्ञात लोगों के खिलाफ गैंगरेप का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी।
लेकिन इस बीच मेडिकल के दौरान पीड़िता ने खुद ही चिकित्सक को लिखित में दे दिया कि उसके साथ कोई दुष्कर्म नहीं हुआ है। चिकित्सक ने इसकी सूचना टोहाना महिला पुलिस को दी, तो पुलिस ने उसे कोर्ट में पेश कर धारा 164 के तहत उसके बयान दर्ज करवाए। इसमें भी उक्त पीड़ित महिला ने दुष्कर्म न होने की बात मानी। पुलिस अब इस मामले में अज्ञात युवकों पर दर्ज किया गया मुकदमा रद्द करने की प्रक्रिया शुरू करेगी। पीड़िता के गैंगरेप का आरोप लगाकर बाद में मुकरने की पुष्टि जिला पुलिस कप्तान ओपी नरवाल ने की है।
क्या था पूरा मामला
जाखल निवासी एक महिला ने पुलिस को शिकायत देकर आरोप लगाया था कि उसके पति के केस के सिलसिले में वह मंगलवार को टोहाना कोर्ट में आई थी। वह सायं कोर्ट परिसर के बाहर टोहाना रेलवे स्टेशन पर जाने के लिए किसी साधन का इंतजार कर रही थी।
इस दौरान सायं करीब पांच बजे एक कार उसके पास आकर रुकी और कार चालक ने उसे लिफ्ट देकर रेलवे स्टेशन पर छोड़ने को कह दिया। वह कार में बैठ गई। आरोप है कि रास्ते में कार सवार तीन युवकों ने उसे दबोच लिया और बारी-बारी दुष्कर्म किया। पीड़िता ने ये भी आरोप लगाया था कि तीनों आरोपियों ने दुष्कर्म के बाद उसे रात आठ बजे दहमान बस स्टैंड पर फेंक दिया। इसके बाद मंगलवार देर रात तकरीबन तीन बजे तीन आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई थी।
बोली गलत ट्रेन से पहुंची थी दहमान
टोहाना महिला पुलिस ने नियमित प्रक्रिया के तहत जब महिला को मेडिकल करवाने के लिए अस्पताल लेकर आई तो उक्त पीड़ित महिला ने चिकित्सक को कहा कि उसका दुष्कर्म नहीं हुआ। उसने चिकित्सक को ये बात लिखित में भी दी। इसके बाद चिकित्सक ने मामले की गंभीरता को देखते हुए महिला थाना को सूचित किया जिन्होंने उक्त महिला को कोर्ट में पेश कर 164 के तहत उसके बयान दर्ज करवाए जिसमें उस महिला ने दुष्कर्म न होने की बात मानी।
महिला ने अपने बयानों में कहा है कि उक्त लोगों ने उसे लिफ्ट देकर रेलवे स्टेशन उतार दिया था और जल्दी में होने के चलते वह गलत ट्रेन में चढ़कर दहमान पहुंच गई और उतरते समय उसे चोट लग गई थी। इसके कारण वह सड़क पर गिर गई और उसे नहीं पता कि किसने उसे पुलिस चौकी पहुंचाया।
रद्द होगी एफआईआर : एसपी
इस बारे में जब एसपी ओपी नरवाल से बात की गई तो उन्होंने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि महिला की शिकायत पर पुलिस ने तीन लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया था। लेकिन पहले मेडिकल के दौरान और बाद में कोर्ट में 164 के तहत दर्ज बयानों में भी महिला ने कहा है कि उसके साथ दुष्कर्म नहीं हुआ है। ऐसे में एफआईआर रद्द करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।