मोहाली पुलिस द्वारा इलाहाबाद बैंक के तीन अधिकारियों के 80 लाख की नई करेंसी के साथ पकड़े जाने से जिले भर में हड़कंप मच गया। इन तीन अधिकारियों में दो फतेहाबाद और टोहाना के इलाहाबाद बैंक मैनेजर थे। हालांकि टोहाना ब्रांच मैनेजर विक्रांत बामल ने ‘अमर उजाला’ से बातचीत में किसी भी अपराध से इंकार किया है और इस सारे मामले को महज पुलिस द्वारा की गई रूटीन जांच बताया।
बातचीत में ब्रांच मैनेजर विक्रांत ने बताया कि उनकी शुक्रवार को चंडीगढ़ में मीटिंग थी। मूलरूप से हांसी के रहने वाले विक्रांत बामल खुद कई दिनों से अवकाश पर हांसी में थे। इसीलिए वरिष्ठ अधिकारियों ने उनसे कहा कि हांसी ब्रांच के मैनेजर नेपाल सिंह 80 लाख रुपये लेकर चंडीगढ़ जा रहे हैं, इसलिए आप और फतेहाबाद ब्रांच के मैनेजर तकदीर बेदारवाला उनके साथ चले जाइए। हांसी से तीनों मैनेजर गनमैन ओमप्रकाश को साथ लेकर कार से चंडीगढ़ चल दिए। बामल के अनुसार जैसे ही उन्होंने मोहाली में इंट्री की तो पुलिस ने उनकी गाड़ी रुकवा ली।
इस पर उन लोगों ने अपना परिचय दिया और अपने पास मौजूद कैश की बात बताई। सभी नोट 2000 और 500 रुपये के थे। बामल का कहना है कि इस संबंध में उन्होंने आवश्यक कागजात भी दिखाए। इधर, पुलिस वालों ने अपने वरिष्ठों से बात करके इनकम टैक्स को सूचित कर दिया। बामल के अनुसार इनकम टैक्स अधिकारी भूपेंद्र सिंह ने उनके कागजात चेक किए और करेंसी चेस्ट से जारी उस पत्र को मांगा, जिसमें कैश कैरी करने वाले वाहन का नंबर होता है। ये दोनों ही कागज हांसी ब्रांच मैनेजर के पास नहीं थे।
बाद में ये पत्र ई-मेल पर मंगवाया गया, लेकिन इनकम टैक्स अधिकारियों ने ये कहते कैश जब्त कर लिया कि उनके पास ये पत्र पहले होना चाहिए था। इस पर वे अपने डीजीएम के साथ पहले पटियाला इनकम टैक्स और बाद में लुधियाना इनकम टैक्स कार्यालय में गए और वहां पर पूरे कागजात दिखाए। इस पर इनकम टैक्स विभाग ने उन्हें आश्वस्त किया कि कागज तो पूरे हैं, लेकिन आवश्यक कार्यवाही के बाद कैश उन्हें सोमवार को मिलेगा। बामल ने सोशल मीडिया में चल रही उन खबरों को भी गलत बताया, जिसमें उन्हें बाकी बैंक अधिकारियों के साथ गिरफ्तार बताया गया। बामल ने कहा कि पुलिस या इनकम टैक्स अधिकारियों ने ना तो उन्हें गिरफ्तार किया और ना ही इस मामले में कोई एफआईआर हुई है। वे शनिवार को टोहाना स्थित अपनी ब्रांच में वापस ज्वाइन करेंगे।