हरियाणा के फतेहाबाद में विजिलेंस टीम ने गुरुवार को जनस्वास्थ्य विभाग के उपाधीक्षक शमशेर सिंह को चार हजार रुपये रिश्वत लेते हुए पकड़ा है। आरोप है कि शमशेर सिंह बिल पास करने के लिए ठेकेदार से आठ हजार रुपये रिश्वत की डिमांड कर रहा था और चार हजार पहले ले चुका था। गुरुवार को चार हजार रुपये लेते हुए विजिलेंस टीम ने रंगे हाथों काबू कर लिया।
मामले के मुताबिक जनस्वास्थ्य विभाग द्वारा गांव भिरड़ाना और दरियापुर व कई अन्य गांवों में जलघर मरम्मत कार्य करवाया गया था। विजिलेंस को दी शिकायत में ठेकेदार फतेहाबाद निवासी नवनीत ने बताया कि वर्ष 2021 में किए गए मरम्मत कार्य के बिल पास करवाने के लिए वह जनस्वास्थ्य विभाग कार्यालय के चक्कर काट रहा था।
उसके करीब 23 लाख रुपये के बिल थे, कुछ पास हो गए और कुछ लटके हुए थे। जनस्वास्थ्य विभाग कार्यालय में तैनात उप अधीक्षक शमशेर सिंह ने आठ हजार रुपये की रिश्वत की मांग की। उसने बिल पास करने के लिए चार हजार रुपये पहले दे दिए लेकिन उप अधीक्षक ने बिल पास नहीं किए और चार हजार रुपये की और मांगने लगा।
इसके चलते उसने विजिलेंस को सूचना दी। राज्य चौकसी ब्यूरो के उप पुलिस अधीक्षक राकेश मलिक के नेतृत्व में टीम ने जनस्वास्थ्य विभाग कार्यालय में दबिश दी। यहां पर टीम ने सहायक उप अधीक्षक शमशेर सिंह को चार हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ लिया।
पहले भी सुर्खियों में रह चुका है जनस्वास्थ्य विभाग
भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर जनस्वास्थ्य विभाग पहले भी सुर्खियों में रह चुका है। पिछले दिनों कार्यालय के ही कर्मचारी ने आरटीआई लगाकर भ्रष्टाचार के कई मामले का खुलासा किया था। इसके चलते कर्मचारी पर हमला करवा दिया गया था। हमला करवाने में विभाग के एसडीओ आशीष कुमार व अन्य कर्मचारी शामिल मिले थे। एसडीओ को गिरफ्तार भी किया गया था।
केस दर्ज कर लिया : डीएसपी
सूचना देकर ठेकेदार नवनीत ने बताया था कि उसने वर्ष 2021 में जनस्वास्थ्य विभाग की तरफ से गांवों में पानी की डिग्गियां बनवाई गई थी और कुछ की मरम्मत की थी। इस दौरान के बिल थे। यहां उपाधीक्षक शमशेर सिंह ने बिल पास करने के लिए 8 हजार रुपये मांगे थे। चार हजार रुपये पहले दे दिए, चार हजार रुपये गुरुवार को लेते हुए पकड़ लिया गया। केस दर्ज कर लिया गया है। -राकेश मलिक, डीएसपी, विजिलेंस