बहुचर्चित ढिंगसरा गैंगरेप ब्लैकमेलिंग प्रकरण में फरार चल रहा अंतिम आरोपी जयबीर भी आखिरकार पुलिस के हत्थे चढ़ गया है। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर उसके पास से एक अवैध पिस्तौल भी बरामद की है। आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर अदालत में पेश किया गया, जहां अदालत ने उसे एक दिन के रिमांड पर पुलिस को सौंप दिया।
थाना प्रभारी जगदीश ने बताया कि भट्टूकलां पुलिस के एसआई कपूरसिंह, एचसी गुरपाल सिंह, सिपाही कानाराम ने बुधवार को गांव बोदीवाली के समीप नाकाबंदी कर रखी थी। इसी दौरान पैदल आ रहा जयबीर पुलिस को देखकर भागने लगा। पुलिस ने पीछा कर व्यक्ति की तलाशी ली तो उससे 315 बोर का एक अवैध पिस्तौल बरामद हुआ।
ये है मामला
करीब दो माह पहले सिरसा निवासी एक महिला ने भादरा निवासी एक प्रतिष्ठित व्यक्ति सहित कई लोगों पर गैंगरेप का आरोप लगाया था। पुलिस ने इस मामले में कई लोगों के खिलाफ मामला भी दर्ज कर लिया था।
इसके बाद अचानक नाटकीय घटनाक्रम में तत्कालीन पुलिस कप्तान संगीता कालिया ने पत्रकारवार्ता आयोजित कर बताया था कि उक्त महिला ने गैंगरेप के आरोप लगाकर आरोपियों को ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया था और मामला रफा-दफा करने के लिए 60 लाख रुपये में सौदा तय हुआ था। इस दौरान पुलिस को सारे खेल की भनक लग गई। ऐसे में आरोपियों ने जब महिला को जैसे 60 लाख रुपये दिए, पुलिस की टीम ने तुरंत सबको गिरफ्तार कर लिया। इस बीच जयबीर मौके से फरार हो गया।
महिला थाने की एसएचओ को किया था लाइन हाजिर
इस मामले का खुलासा करने वाली महिला थाने की तत्कालीन एसएचओ को भी एसपी की प्रेस कांफ्रेंस के अगले ही दिन एसएचओ पद से हटाकर लाइन में भेज दिया गया था। महिला एसएचओ को अचानक पुलिस लाइन भेजने पर काफी सवाल खड़े हुए थे, लेकिन तत्कालीन एसपी ने इस रूटीन प्रक्रिया बताया था। बाद में पता चला था कि ब्लैकमेलिंग की घटना के बारे में एसपी को लेट सूचित करने पर एसएचओ को लाइन हाजिर किया गया था।