जिला मुख्यालय से लगभग 17 किलोमीटर दूर भूना के पास मंगलवार को प्राइवेट बस में धमाका होने से एक दंपति समेत करीब 12 लोग घायल हो गए। दंपति को गंभीर चोटें आई हैं। बाकी लोगों को प्राथमिक उपचार के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। बस में प्रवासी मजदूरों, महिलाओं और बच्चों समेत करीब 55 यात्री सवार थे। पहली नजर में पुलिस धमाके को पोटैशियम नाइट्रेट या सल्फर नाइट्रेट का विस्फोट मानकर चल रही है।
इसी साल फरवरी और मई में पानीपत में पैसेंजर ट्रेन और फिर उसी तर्ज पर मई में ही कुरुक्षेत्र में चलती बस में हुए बैटरी बम धमाके के बाद भूना में हुए इस धमाके से पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया। हालांकि मौके पर जांच पड़ताल के बाद हिसार रेंज के आईजी ओपी सिंह और एसपी ओपी नरवाल ने ताजा विस्फोट को कुरुक्षेत्र में बस में हुए विस्फोट से जोड़कर देखने से इनकार किया है।
शाम को एनआईए की चार सदस्यीय टीम ने भी मौका मुआयना किया।
आईजी ने कहा कि पानीपत और कुरुक्षेत्र में हुए हादसों में बैटरी बम का इस्तेमाल किया गया था, जबकि भूना में बस में हुए विस्फोट से उन सीटों तक को कोई नुकसान नहीं पहुंचा जिनके नीचे यह रखा गया था। मौके से पोटैशियम नाइट्रेट से मिलता-जुलता पाउडर मिला है, जिसे जांच के लिए लैब में भेजा गया है।
फोरेंसिक टीम, बम निरोधक दस्ता, सीन ऑफ क्राइम और डॉग स्क्वायड ने भी घटनास्थल पर साक्ष्य जुटाए हैं। इनकी जांच की जा रही है। आईजी ने फतेहाबाद के सरकारी अस्पताल जाकर घायल भागीरथ से हादसे की जानकारी ली। एसपी हादसे में घायलों की संख्या को एक-दो से अधिक मानने से साफ इंकार कर रहे हैं।
सफेद कुर्ता-पाजामा पहने व्यक्ति ने रखी थी विस्फोटक से भरी बोतल
जाखल से फतेहाबाद आ रही प्राइवेट बस के कंडक्टर प्रवीण कुमार ने बताया कि दि भूना फ्रेंड्स सहकारी समिति की बस भूना बस स्टैंड से करीब 10.35 पर फतेहाबाद के लिए रवाना हुई। भूना बस स्टैंड से सफेद कुर्ता पाजामा पहना हुआ एक व्यक्ति एक थैली लेकर बस में चढ़ा था और उसने फतेहाबाद का टिकट लिया था। बोतल वाली इस थैली को बस के पिछले दरवाजे के पास रख वह अगली सीट पर खुद खड़ा हो गया। कुछ ही दूरी पर स्थित जांडलीकला पहुंचते ही करीब 10.42 पर बस में विस्फोट हो गया।
धुआं ही धुआं फैल गया
विस्फोट से बस में धुआं ही धुआं फैल गया। यात्रियों में चीख पुकार और अफरातफरी मच गई, कुछ युवाओं ने तो खिड़की से बाहर छलांग लगा दी। इसका फायदा उठाकर थैली वाला वह संदिग्ध व्यक्ति भाग निकला। चालक ने सूझबूझ दिखाते हुए बस पर नियंत्रण बनाए रखा जिससे बड़ा हादसा होने से बच गया।
ये हुए घायल
धमाके की चपेट में आकर और बस में मची अफरा-तफरी में कनौह गांव के भागीरथ नामक व्यक्ति और उसकी पत्नी राजबाला, भागीरथ की बहन शिमला के अलावा भूना की 12 वर्षीय सिमरन, खासा पठाना की सुखबीर कौर, 13 वर्षीय मनिंद्र सिंह, 14 वर्षीय सुखा पुत्र जगराज सिंह भिरडाना, कविता पुत्री जोंगिंद्र सिंह इन्दाछोई, सुरेश कुमार सिरसा, बलजीत सिंह टोहाना, नरेंद्र सिंह भूना, मुख्तयार कौर सिरसा को चोटें आईं। भगीरथ के पैरों में विस्फोटक से चोटें पहुंची हैं। एक महिला के कपड़े भी इस विस्फोट से जल गए जिसने बाद में सामने स्थित एक ढाणी में जाकर कपड़े बदले। पुलिस ने महिला के जले हुए कपड़ों को सबूत के तौर पर अपने पास रख लिया है। जांच में पुलिस को उस बोतल के टुकड़े मिले हैं जिसमें विस्फोटक रखा हुआ था।
विस्फोट निरोधक दस्ता और डॉग स्कवायड भी मौके पर
हादसे की जानकारी मिलते ही फतेहाबाद से जहां फोरेंसिक एवं सीन ऑफ क्राइम की टीमें पहुंची तो हिसार से डॉग स्कवायड एवं विस्फोटक निरोधक दस्ता भी पहुंच गया। टीमों ने बस के अंदर और आसपास गहनता से जांच की। फोरेंसिक विभाग की टीम ने मौके से कुछ साक्ष्य जुटाए हैं। इनकी जांच की बात आईजी एवं एसपी दोनों कर रहे हैं।
प्रथम दृष्ट्या ये पोटैशियम नाइट्रेट पाउडर का धमाका लग रहा है जिससे किसान खेतों में पशुओं को भगाते हैं। फिर भी ऐहतियातन इस पाउडर और आस-पास से मिले सबूतों को जांच के लिए लैब भेजा जा रहा है। कुछ पीड़ितों का कहना है कि उन्होंने एक व्यक्ति को भागते हुए देखा है तो उस व्यक्ति को काबू करने की भी कोशिश रहेगी। इस धमाके को पानीपत में हुए ट्रेन धमाकों एवं कुरुक्षेत्र में हुए बस धमाके से जोड़कर नहीं देखा जा सकता। उसमें बैटरी बम का इस्तेमाल हुआ था जिसमें बस और सवारियों को बहुत ज्यादा नुकसान हुआ था जबकि ये पोटाश का धमाका है जिससे ना तो बस को नुकसान हुआ और ना ही किसी सवारी को बहुत अधिक चोटें आई हैं।’
ओपी सिंह, आईजी, हिसार रेंज, ।
इस साल हुए धमाके
15 जनवरी : पानीपत रेलवे स्टेशन पर शाम को प्लेटफार्म नंबर चार पर खड़ी पानीपत-अंबाला पैसेंजर ट्रेन में जोरदार धमाका किया गया। धमाके में डिब्बे की एक खिड़की का शीशा, सीट व डिब्बे की प्लाई टूट गई थी।
12 मई: रात सवा आठ बजे पुरानी दिल्ली से चलकर पानीपत आने वाली 64451 पैसेंजर ट्रेन में धमाका हुआ। ट्रेन को प्लेटफार्म नंबर चार से रेलवे यार्ड में खड़ा करते ही उसमें सबसे आगे वाले रैक में धमाका हुआ था। धमाके के साथ रैक में आग लग गई थी।
26 मई : सोनीपत से चंडीगढ़ जा रही हरियाणा परिवहन निगम की बस में धमाका हुआ था। इसमें आठ लोग घायल हुए थे।
(ये तीनों ही धमाके एक ही तर्ज पर किए गए थे। इनमें बैटरी का इस्तेमाल किया गया था। धमाकों के पीछे किसका हाथ था, जांच एजेंसियां आज तक इसका पता नहीं लगा सकी हैं।)
काले थैले में रखा था विस्फोटक: एडीजीपी
हरियाणा पुलिस के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक मो. अकील ने बताया कि विस्फोटक एक काले थैले में रखा गया था और शुरुआती जांच में पता चला है कि इसमें सल्फर का उपयोग हुआ है, जिसका मुख्य रूप से पटाखों में प्रयोग किया जाता है।